
लौंग दास महंत
कोरबा जिले के पोंड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत स्थित माहोरा ग्राम एवं आसपास के इलाकों में बहने वाली अहिरन नदी के आसपास इन दिनों कथित रूप से अवैध बालू उत्खनन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा दिन-रात नदी क्षेत्र से रेत निकाले जाने और ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किए जाने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भी लगातार ट्रैक्टरों की आवाजाही बनी रहती है। ट्रैक्टरों के शोर, धूल और कंपन के कारण ग्राम माहोरा एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों की रातों की नींद प्रभावित हो रही है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गतिविधि पर आपत्ति भी जताई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी संबंधित विभागों को दी गई है, किंतु क्षेत्र में गतिविधियां पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाना शेष है।
इधर कोरबा जिले में प्रशासन द्वारा अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद ग्रामीणों का मानना है कि यदि ग्राम माहोरा एवं आसपास के क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए, तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

क्षेत्रवासियों ने छत्तीसगढ़ खनिज संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। यदि सूत्रों द्वारा दी जा रही जानकारी सही पाई जाती है, तो यह प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय माना जाएगा।




















