
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ में पनका (पनिका) समाज विगत 50 वर्षों से अपने खोए हुए अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की पुनः बहाली की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत है। समाज का कहना है कि वर्ष 1971 से पूर्व उन्हें ST का लाभ प्राप्त था, लेकिन 8 दिसंबर 1971 को बिना किसी पूर्व सूचना, सामाजिक अध्ययन एवं समाज से विचार-विमर्श के इस श्रेणी से बाहर कर दिया गया, जिसके कारण समाज आर्थिक और सामाजिक रूप से लगातार पिछड़ता चला गया।
पनका (पनिका) समाज स्वयं को द्रविड़ मूल का मानता है और अपनी समृद्ध परंपरा, संस्कृति एवं धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है। बस्तर क्षेत्र में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में मां काछन देवी की पूजा एवं “काछन गादी” की परंपरा में पनका समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा गांव-गांव में कोटवार, माटी पूजारी, मांझी, चालकी, सिरहा जैसे पारंपरिक दायित्व समाज द्वारा पीढ़ियों से निभाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में 12 अप्रैल 2026, रविवार को मानिकपुरी पनका/पनिका भवन, कोंडागांव में “पनका (पनिका) ST पुनः बहाली संयुक्त संघर्ष मोर्चा, छत्तीसगढ़” के बैनर तले जिला स्तरीय महाबैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ “जय जय पनिका, जय काछन” के उद्घोष के साथ हुआ।
इस महाबैठक में प्रांतीय संयोजक श्री मनोज सूर्यवंशी पनका एवं श्री प्रेम सागर पंत पनका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में ST पुनः बहाली से जुड़े ऐतिहासिक एवं सामाजिक तथ्यों को विस्तार से रखा गया तथा आगामी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं संगठन प्रमुखों के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद में आयोजित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से
डॉ. ललित कुमार मानिकपुरी (संयोजक), वंशधारी सांवरा जी (संयोजक), भरत दास महंत जी (संयोजक), लोकनाथ महंत जी (संयोजक), चेतन पड़वार जी (संयोजक) शामिल हैं।
(उक्त सभी वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं थे, किन्तु उनके मार्गदर्शन में बैठक आयोजित की गई।)

बैठक में कोंडागांव जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से मीडिया प्रभारी सन्नी सूर्यवंशी, समाजसेवी सावल दास, गुड्डू दास, अशोक दास, बस्तर न्यूज के संपादक सोनु मानिकपुरी, गोकुल दास, राजू दास, उकिल दास, महेश दास, श्रीराम दास, बसंत दास, राजेश दास, विक्रम दास, लुदरू दास, मोहन दास, कंदरू मानिकपुरी, रघुदास, माधव दास, आरडी मानिकपुरी, बीडी मानिकपुरी, पिलु दास, नवल दास, कमल दास, पदम दास, हितेंद्र बंछोर, उमेन्द्र दास पड़वार, शेखर सूर्यवंशी (दिवान), भावेश सूर्यवंशी, कोमल मानिकपुरी, संतोष मानिकपुरी, अजय मानिकपुरी, तिलक दास, रवि दास, दिनेश्वर दास सहित बड़ी संख्या में माताएं, भाई-बहन उपस्थित रहे।
बैठक में समाज के लोगों ने एक स्वर में अपने हक और अधिकार की पुनः प्राप्ति के लिए संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया और आने वाले समय में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।

पनका (पनिका) समाज ST पुनः बहाली के लिए हुआ लामबंद, कोंडागांव में जिला स्तरीय महाबैठक सम्पन्न">















