
कोरबा (ढपढप)। जिले की पावन धरती शुक्रवार को धर्म, आस्था और भक्ति के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित हनुमंत कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं के जनसैलाब, गगनभेदी “जय श्री राम” के उद्घोष और केसरिया ध्वजों की लहराती छटा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ ढपढप से विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। सिर पर कलश धारण किए हजारों श्रद्धालु गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़े। यह विशाल यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विन्ध्यवासिनी मंदिर में संपन्न हुई। कई किलोमीटर लंबी इस यात्रा में महिलाओं की आस्था विशेष आकर्षण का केंद्र रही—सिर पर कलश, चेहरे पर श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती महिलाओं ने भक्ति की अद्भुत मिसाल पेश की।

मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया, वहीं सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा जलपान एवं शरबत की व्यवस्था ने सेवा भाव को और प्रगाढ़ बनाया। पूरा वातावरण राममय और भक्तिमय हो उठा, मानो संपूर्ण क्षेत्र एक आध्यात्मिक उत्सव में डूब गया हो।
इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह की विशेष भूमिका सराहनीय रही। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
उल्लेखनीय है कि आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 28 मार्च से 01 अप्रैल तक ढपढप मैदान में आयोजित होगी। आयोजन की जिम्मेदारी मुख्य संरक्षक जुड़ावन सिंह ठाकुर, संरक्षक मंडल प्रमुख सुबोध सिंह, कार्यक्रम सचिव एवं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह तथा संयोजक अमरजीत सिंह सहित समस्त आयोजन समिति द्वारा निभाई जा रही है।
भव्य स्वागत, सुसंगठित व्यवस्था और श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। यह आयोजन निश्चित ही कोरबा जिले में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का नया अध्याय लिख रहा है।

कोरबा (ढपढप) में आस्था का महासंगम: भव्य कलश यात्रा से गूंजा क्षेत्र, डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में ऐतिहासिक आयोजन">

















