
नई दिल्ली, 13 मार्च 2026।
देश के किसानों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi आज Guwahati, Assam से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना पिछले सात वर्षों से देश के किसानों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यकताओं—जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का उद्देश्य किसानों को मजबूत बनाना, उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज से बचाना है।
प्रधानमंत्री द्वारा जारी की जाने वाली 22वीं किस्त के तहत करोड़ों किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को Coimbatore, Tamil Nadu से जारी की गई थी। उस समय देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई थी। वहीं अगस्त 2025 में जारी 20वीं किस्त के दौरान करीब 9.8 करोड़ किसानों को लाभ मिला था, जिनमें लगभग 2.4 करोड़ महिला किसान भी शामिल थीं। यह आँकड़े इस योजना की व्यापकता और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में योजना को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया है। फरवरी 2020 में शुरू किए गए PM-Kisan Mobile App के माध्यम से किसान स्वयं अपना पंजीयन कर सकते हैं, अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं और ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी आसानी से पूरी कर सकते हैं। इससे योजना का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुँचाने में काफी मदद मिली है और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
सरकार के अनुसार इस योजना के तहत अब तक लाखों करोड़ रुपये की सहायता राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और खेती को आधुनिक व आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिली है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी इस योजना से नया बल मिला है।
गौरतलब है कि 24 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने अपने सफल सात वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर सरकार द्वारा योजना की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया गया कि यह योजना देश के किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली प्रमुख पहल बन चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देने की यह व्यवस्था कृषि क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करती है और ग्रामीण विकास को गति देती है। प्रधानमंत्री की पहल से किसानों के आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और वे आधुनिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार की यह पहल एक बार फिर यह संदेश देती है कि देश के अन्नदाता की समृद्धि ही भारत की समृद्धि का आधार है। पीएम किसान योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।



















