
कोरबा। ग्राम दादरखुर्द में भूमि अभिलेखों से जुड़े एक विवादित प्रकरण को लेकर प्रशासन ने तथ्यात्मक जांच प्रारंभ कर दी है। स्थानीय स्तर पर उठी आपत्तियों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर तहसील कार्यालय द्वारा राजस्व अमले को मौके पर सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। 24 फरवरी 2026 को राजस्व निरीक्षक (RI) व संबंधित पटवारी की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण कर प्रारंभिक जानकारी संकलित की गई।
प्राप्त शिकायत में आरोप है कि बोईरमुड़ा खार क्षेत्र की निजी भूमि को दस्तावेजी प्रक्रिया के माध्यम से मुख्य मार्ग स्थित शासकीय भूमि (खसरा नंबर 273 एवं 274) से जोड़कर दर्शाया गया। साथ ही खसरा नंबर 1566, 1570, 1572 सहित अन्य अभिलेखों के मिलान की भी मांग की गई है। इन तथ्यों की पुष्टि या खंडन हेतु विभागीय स्तर पर सीमांकन, नक्शा मिलान एवं आदेशों की वैधता की जांच की जा रही है।

जांच के प्रमुख बिंदु
- राजस्व अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का तुलनात्मक परीक्षण
- पूर्व में पारित आदेशों की वैधानिक स्थिति की समीक्षा
- सीमांकन संबंधी तकनीकी तथ्यों का सत्यापन
मौके पर कथित भू-स्वामियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा राजस्व अमले की उपस्थिति में प्रक्रिया पूरी की गई। अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच पूर्ण होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
निष्पक्षता सर्वोपरि
यह उल्लेखनीय है कि प्रस्तुत जानकारी शिकायत एवं प्रारंभिक जांच प्रक्रिया पर आधारित है। किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी अथवा संलिप्तता संबंधी निष्कर्ष संबंधित सक्षम प्राधिकारी की अंतिम रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। शासन-प्रशासन की मंशा राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करना और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार सुधार करना है।
यदि जांच में अभिलेखों और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया जाता है, तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि शिकायत निराधार सिद्ध होती है, तो संबंधित पक्षों को भी स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाएगा।
यह प्रकरण पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों के तहत परीक्षणाधीन है। अंतिम निर्णय तक सभी तथ्यों का संतुलित और जिम्मेदार प्रस्तुतिकरण ही जनहित में उचित होगा।




















