
लेमरू (कोरबा), 16 जनवरी 2026/
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र लेमरू में खरीदी कार्य निरंतर जारी है। अब तक केंद्र में कुल 10 हजार 468.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जो किसानों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। किसानों द्वारा निर्धारित तिथियों में टोकन के अनुसार केंद्र में धान लाकर विक्रय किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक मिलरों द्वारा केवल 5 हजार 140.00 क्विंटल धान का उठाव किया गया है, जबकि केंद्र परिसर में अभी भी 5 हजार 328.80 क्विंटल धान शेष है। बड़ी मात्रा में धान शेष रहने के कारण उपार्जन केंद्र पर भंडारण का दबाव बढ़ता जा रहा है। किसानों एवं समिति से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि कुछ मिलरों द्वारा धान उठाव में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जिससे व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है।

बताया गया है कि 19 जनवरी 2026 से जारी टोकन के अनुसार आगे की धान खरीदी की जानी है, लेकिन यदि शेष धान का समय पर उठाव नहीं हुआ, तो आगामी खरीदी कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। प्रशासनिक अमले द्वारा इस स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसी बीच धान उपार्जन केंद्र लेमरू में भवन निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिससे सीमित स्थान में खरीदी और भंडारण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। निर्माण कार्य के कारण वाहनों की आवाजाही और धान की सुरक्षित स्टैकिंग में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। समिति कर्मचारियों द्वारा उपलब्ध संसाधनों में बेहतर समन्वय बनाकर खरीदी कार्य को सुचारू रखने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा की जा रही है कि संबंधित मिलर धान उठाव की गति बढ़ाएं, ताकि केंद्र पर अतिरिक्त दबाव न बने और आगामी टोकन तिथियों में किसानों की धान खरीदी बिना व्यवधान के हो सके। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि हर किसान का धान समय पर, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से खरीदा जाए।
धान उपार्जन केंद्र लेमरू में चल रही प्रक्रिया यह दर्शाती है कि शासन-प्रशासन किसानों के हित में पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। अब आवश्यकता है कि मिलर भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करें, जिससे धान खरीदी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।



















