
कोरबा/जवाली।
छत्तीसगढ़ के पावन लोकपर्व छेरछेरा पुन्नी के शुभ अवसर पर ग्राम जवाली, जिला कोरबा में शाकंभरी फूल माली मरार समाज द्वारा मां शाकंभरी जयंती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। यह भव्य धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम ग्राम के बीच बस्ती स्थित दीपक पटेल के घर के समीप ठाकुर देव मंदिर परिसर में संपन्न हुआ, जहां सुबह से ही भक्तों की आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा।
प्रातःकाल से मंदिर परिसर में विशेष चहल-पहल देखने को मिली। मां शाकंभरी की आकर्षक झांकी हरे शाक-सब्जियों से सुसज्जित कर भव्य रूप में सजाई गई, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके पश्चात समाज के सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न की गई। कार्यक्रम की प्रथम पूजा कृषि मित्र एवं पंच प्रतिनिधि हेमलाल पटेल जी के करकमलों से संपन्न हुई।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मामा-भांजा एवं पटेल ब्रदर्स का विशेष योगदान रहा। समाज के चपरासी महेत्तर राम द्वारा एक दिन पूर्व ही ग्राम जवाली के फूल माली मरार समाज के 56 परिवारों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण देकर सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया गया। प्रसाद निर्माण की व्यवस्था महिपाल पटेल परिवार के सहयोग से की गई, जबकि मंच एवं साज-सज्जा की जिम्मेदारी मनोज पटेल ने कुशलतापूर्वक निभाई। साउंड सिस्टम की व्यवस्था कैलाश पटेल के सहयोग से की गई, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

मां शाकंभरी की झांकी में निव्या, डिंपी एवं वंशु बहनों ने माता का स्वरूप धारण कर अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ सियानों अंजोरसाय, छेछमन, मैंकूलाल, राजाराम, श्यामलाल, हिरऊराम, गणेशराम, महिंद्रा, फेकूलाल एवं जयराम की गरिमामय उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
युवा वर्ग में दिनेश भोलू, पुरुषोत्तम, राजकुमार, नितेश, हर्ष, विपुल तथा बहनों में नेहा, संध्या, दिशा, मीना, दुर्गेश, नंदनी की सक्रिय सहभागिता रही। वहीं मातृशक्ति के रूप में तिहारोबाई, वेदकुवंर, चम्पा, सरिता, पुनीता, तीजबाई, दिलबाई, राधाबाई, धनेश्वरी, बबली, रजनी, शीला, सुमरीत, चंद्रा, कमलाबाई सहित अनेक महिलाओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रसाद वितरण में गणेशराम, रिक्की, शिवा, गोपाल पटेल सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने जानकारी दी कि ग्राम जवाली में जातिगत संख्या के अनुसार पटेल समाज तीसरे स्थान पर है तथा वर्ष 1994 से निरंतर मां शाकंभरी जयंती मनाई जा रही है। अब तक यह वृहद आयोजन केवल चार बार किया गया है। समाज का मुख्य उद्देश्य संगठन को सशक्त बनाते हुए ग्राम में सुख, शांति, वैभव, धर्म एवं आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना है। आगामी दिनों में अन्य ग्रामों में भी बैठकें आयोजित कर समाज को और अधिक जागरूक एवं संगठित करने का निर्णय लिया गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त करने वाला प्रेरणादायी उदाहरण भी बना।


















