
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 दिसंबर 2025/
जिले में जल संरक्षण को नई दिशा देते हुए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रशासनिक निर्णय जब संवेदनशील सोच के साथ लिए जाते हैं, तो उनका सीधा लाभ आमजन और पशुधन तक पहुँचता है। इसी क्रम में कलेक्टर ने सारंगढ़ स्थित अशोका पब्लिक स्कूल के पास बने पुल के दोनों ओर का स्थल निरीक्षण कर कच्चा चेकडेम निर्माण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह और आसपास के वातावरण का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात का पानी यदि रोका और संचित किया जाए, तो यह न केवल भू-जल स्तर बढ़ाएगा बल्कि गाय-भैंस एवं अन्य पशुओं की पेयजल समस्या का भी स्थायी समाधान बनेगा।
कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ श्री इंद्रजीत बर्मन एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री राधेश्याम नायक को निर्देश दिए कि पुल के दोनों ओर उगे झाड़-झंखाड़ एवं अवांछित पेड़-पौधों की सफाई कराई जाए और तत्पश्चात कच्चा चेकडेम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य से वर्षा जल लंबे समय तक संरक्षित रहेगा और गर्मी के मौसम में भी पशुओं को पानी की कमी नहीं होगी।
डॉ. कन्नौजे ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयास यदि सही स्थान पर किए जाएँ, तो उनका प्रभाव बहुत बड़ा होता है। कच्चे चेकडेम जैसे उपाय कम लागत में अधिक लाभ देने वाले होते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कार्य करते समय स्थानीय लोगों और पंचायत का सहयोग लिया जाए, ताकि ग्रामीण स्वयं इस संरचना को अपनी संपत्ति समझकर संरक्षित करें। इससे जल संरक्षण की भावना जन-जन तक पहुँचेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने कलेक्टर के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में गर्मियों के दौरान पशुओं को पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। चेकडेम बनने से पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी और पशुओं की सेहत भी बेहतर रहेगी।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का यह कदम केवल एक निरीक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण और सतत विकास की सोच का जीवंत उदाहरण है। प्रशासन की यह पहल यह संदेश देती है कि जिले में विकास का अर्थ केवल सड़क-भवन नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन के संतुलन को बनाए रखना भी है।
जल संरक्षण की दिशा में यह छोटा लेकिन प्रभावी प्रयास आने वाले समय में क्षेत्र के लिए एक स्थायी वरदान साबित होगा।



















