
कोरबा, 29 दिसम्बर 2025।
आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और मानवीय समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी कड़ी में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन एक बार फिर संवेदनशील प्रशासन की सशक्त मिसाल बनकर सामने आया, जहाँ जरूरतमंदों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल राहत प्रदान की गई।
आज कलेक्टर जनदर्शन के दौरान ग्राम पोटापानी, जनपद पंचायत पाली के निवासी करण श्रीवास एवं मीना श्रीवास द्वारा व्हीलचेयर की आवश्यकता से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया। दोनों हितग्राहियों ने अपनी शारीरिक असमर्थता के कारण दैनिक जीवन में हो रही कठिनाइयों की जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी।
आवेदन प्राप्त होते ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर द्वारा मामले पर तुरंत संज्ञान लिया गया। समाज कल्याण विभाग, कोरबा को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए, जिसके पश्चात विभाग द्वारा सभी औपचारिक प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूर्ण की गईं। प्रशासनिक समन्वय और संवेदनशील दृष्टिकोण का परिणाम यह रहा कि उसी दिन दोनों हितग्राहियों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश नाग, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्री ओंकार यादव तथा डिप्टी कलेक्टर श्री तुलाराम भारद्वाज की गरिमामयी उपस्थिति में करण श्रीवास एवं मीना श्रीवास को व्हीलचेयर प्रदान की गई। व्हीलचेयर प्राप्त करते ही दोनों हितग्राहियों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में अधिक सहज हो सकेगा।
जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान केवल एक-दो नहीं, बल्कि कुल 86 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं शामिल थीं, जिन्हें अधिकारियों द्वारा गंभीरता से सुना गया। कई मामलों में मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रेषित किया गया।
प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि जनदर्शन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद और भरोसे का सेतु है। जरूरतमंदों को तुरंत राहत प्रदान कर प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि शासन-प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।
कुल मिलाकर, कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से दिव्यांगजनों, वृद्धों और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की यह प्रक्रिया सुशासन, मानवीय दृष्टिकोण और प्रभावी प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बन रही है।



















