
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 26 दिसंबर 2025/
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने शुक्रवार की संध्या जिला अस्पताल सारंगढ़ का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी, आईपीडी, एक्स-रे, डायलिसिस यूनिट, शिशु कक्ष, सुपोषण केन्द्र सहित विभिन्न वार्डों का गहन अवलोकन कर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाइयों और सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। पुरुष एवं महिला वार्ड में पहुंचकर उन्होंने मरीजों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में पूछा और उपचार की गुणवत्ता को लेकर फीडबैक लिया। मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया, जो प्रशासन की सतत निगरानी और प्रयासों का परिणाम है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सुपोषण केन्द्र भी पहुंचे, जहां उपचाररत कुपोषित बच्चों और उनकी माताओं से बातचीत कर बच्चों के वजन और स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की जानकारी ली। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. एफ.आर. निराला और सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल से सामान्य एवं गंभीर कुपोषित बच्चों की स्थिति, उपचार पद्धति और निगरानी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

डायलीसिस वार्ड और शिशु कक्ष में कलेक्टर ने चिकित्सकों और सहयोगी स्टाफ से उपलब्ध सुविधाओं, मशीनों की कार्यशीलता और सेवाओं की निरंतरता के संबंध में चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर का मानवीय पक्ष तब और उभरकर सामने आया जब उन्होंने अस्पताल में मौजूद बालिका अमायरा से आत्मीय बातचीत कर उसके स्कूल और पढ़ाई के बारे में पूछा, जिससे अस्पताल का माहौल भी सहज और सकारात्मक हो गया।
इसके पश्चात कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में जिला जीवन दीप समिति की बैठक लेकर समिति की मासिक आय-व्यय, कर्मचारियों के मानदेय भुगतान और जीवन दीप समिति के माध्यम से अब तक किए गए उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। बैठक में डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, कार्यपालन अभियंता प्रफुल्ल चंद महानंदा, सीजी मेडिकल सर्विस एजेंसी एवं नगरपालिका के इंजीनियर उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जीवन दीप समिति के माध्यम से अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, दवाइयों की गुणवत्ता, पौष्टिक भोजन, पार्किंग व्यवस्था, जांच सुविधाओं में वृद्धि, मेडिसिन वार्ड, सिजेरियन ऑपरेशन एवं सोनोग्राफी जैसी सेवाओं को चरणबद्ध रूप से शुरू करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में वर्तमान में 24 घंटे, 7 दिन उपचार, प्रसव सुविधा, डायलिसिस, डिजिटल एक्स-रे, 64 प्रकार की लैब जांच, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एम्बुलेंस सेवा सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे का यह आकस्मिक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक सजगता का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी होने के साथ-साथ मरीजों और गरीबों के लिए एक संवेदनशील संरक्षक के रूप में जिले में अपनी पहचान बना रहे हैं।



















