
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसानों के हित में संचालित करने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने विकासखंड सारंगढ़ अंतर्गत लुकापारा एवं सांकरा धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी, तौल एवं भुगतान व्यवस्था की जानकारी ली।
किसानों से हुई चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। किसानों ने बताया कि तौल में पारदर्शिता है, टोकन व्यवस्था समयबद्ध है तथा कर्मचारियों द्वारा सहयोगात्मक व्यवहार किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल वास्तविक स्थानीय किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध धान, कोचियों के माध्यम से धान बेचने तथा बाहरी राज्यों से आने वाले धान पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। इस प्रकार की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने सीमा क्षेत्रों में 24 घंटे सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस, राजस्व एवं खाद्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। चेक पोस्टों पर सघन जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले में अवैध रूप से धान का प्रवेश न हो। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ सही पात्र किसानों तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि धान खरीदी केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और सम्मान से जुड़ा विषय है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किसानों से विनम्र व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, केंद्र प्रभारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से धान खरीदी केंद्रों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी का वातावरण और अधिक मजबूत हुआ है। जिले में प्रशासनिक सक्रियता से किसानों में विश्वास बढ़ा है और शासन की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का सकारात्मक संदेश गया है।



















