
कोरबा/जवाली, 21 दिसंबर 2025।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार रविवार 21 दिसंबर 2025 को पूरे देश में पोलियो दिवस के रूप में मनाया गया। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों के साथ-साथ कोरबा जिले के ग्राम जवाली में भी राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क पोलियो की खुराक पिलाकर भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प को मजबूत करना रहा।
अभियान के दौरान “दो बूंद हर बार – पोलियो पर जीत बरकरार” के संदेश के साथ ग्राम के नौनिहालों को पोलियो की दवा पिलाई गई। भारत को भले ही पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका हो, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसी कारण प्रत्येक बार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाने की अपील की गई।

ग्राम जवाली में यह अभियान तीन प्रमुख केंद्रों पर संचालित किया गया, जिनमें
उप स्वास्थ्य केंद्र जवाली,
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2, जवाली,
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3, जवाली
शामिल रहे। इन केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के समन्वित सहयोग से बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई।

अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक दिन पूर्व शासकीय विद्यालय के बच्चों के साथ ग्राम में जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को पोलियो से बचाव के प्रति जागरूक किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को हर बार पोलियो की खुराक पिलाना अनिवार्य है। रैली के दौरान बच्चों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नारे लगाकर ग्रामवासियों को इस महा अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि अभियान के अगले दिन छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रह जाए। ग्रामीणों ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की।
इस प्रकार ग्राम जवाली में आयोजित पल्स पोलियो अभियान ने जनसहयोग, जागरूकता और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


















