
कोरबा/पाली, 05 दिसंबर 2025
पाली विकासखण्ड के ग्राम मांगामार में अवैध शराब के खिलाफ एक अभूतपूर्व जनआंदोलन खड़ा हो गया है। गांव की नारी शक्ति अब पूरी दृढ़ता के साथ शराबबंदी लागू करने के लिए मैदान में उतर आई है। महिलाओं की यह एकजुटता और संकल्प गांव में सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है। पंचायत की खुली बैठक में महिलाओं ने नशे के खिलाफ सख्त निर्णय लेते हुए स्पष्ट कहा—“अब नहीं चलेगा नशा… न बनाएंगे, न बेचेंगे और न पीने देंगे!”
सरपंच छत्रपाल सिंह राज के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में पूर्व सरपंच सतीबाई, तात्कालीन सरपंच विमल देवी राज, वार्ड पंच सुशीला महंत, जलकुमारी, सम्मतबाई, सविता, मनीत बाई, रूखमणी सहित गांव की सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर रैली निकाली और “जागो युवा-जागो नारी, खत्म करो शराब की बीमारी” जैसे नारों के साथ पूरे गांव को शराबमुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। महिलाओं ने न केवल अवैध शराब के प्रचलन पर सवाल उठाए बल्कि इसका शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर हो रहे दुष्प्रभावों को भी जोरदार तरीके से सामने रखा।
पंचायत द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार—
शराब बनाने या बेचने वालों पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड
शराब पीते पकड़े जाने पर 20 हजार रुपये जुर्माना
नशे के कारोबार और सेवन में शामिल लोगों के सरकारी राशन वितरण पर रोक
ये कठोर कदम गांव में फैल रही नशे की बुराई को रोकने के लिए एक बड़ा और असरदार प्रयास साबित हो सकते हैं। पंचायत ने यह भी तय किया कि गांव के हर पारा—मांगामार, झिगरबाड़ी, गांगपुर, भदरापारा, डोरकट्टा, शांतिनगर, मांझीपारा, दादर, बिरहोरपारा और ललमटिया पारा—में पूरी निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति शराब न बना सके और न ही बाहर से लाकर बेच सके।
महिलाओं ने बताया कि अवैध शराब की वजह से परिवार टूट रहे हैं, बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, किशोरवय छात्र चोरी जैसे अपराधों की ओर बढ़ रहे हैं और गांव की महिलाओं एवं बच्चियों को असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। बाहरी लोग भी गांव में आकर शराब सेवन कर अमर्यादित व्यवहार करते हैं। इन सभी समस्याओं को खत्म करने के लिए यह लड़ाई जरूरी हो गई थी।
गांव की महिलाओं ने दीपका थाना पहुंचकर हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा और पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा तो गांव को शीघ्र ही पूरी तरह शराबमुक्त बनाया जा सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी महिलाओं की इस जागरूकता, साहस और नेतृत्व की सराहना की है। उनका कहना है कि समाज की आधी आबादी जब किसी बुराई के खिलाफ खड़ी हो जाती है, तो परिवर्तन निश्चित होता है। शासन और प्रशासन महिलाओं को हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
मांगामार की नारी शक्ति द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल गांव को नशामुक्त दिशा में ले जाने वाला है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकता है। महिलाओं का यह दृढ़ संकल्प, सामूहिक एकजुटता और सामाजिक सुधार के प्रति प्रतिबद्धता वास्तव में काबिल-ए-तारीफ है।



















