
रायपुर, 04 दिसंबर
छत्तीसगढ़ की व्यापारिक गतिविधियों और प्रसंस्करण उद्योगों को आर्थिक राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क में छूट प्रदान किए जाने का आग्रह किया।
चेम्बर ने मांग रखी कि वर्तमान शुल्क व्यवस्था प्रसंस्करण उद्योगों, विशेषकर धान आधारित खाद्य प्रसंस्करण, चावल उद्योग एवं मुरमुरा उत्पादन इकाइयों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है। प्रदेश में धान आधारित प्रसंस्करण इकाइयाँ बड़ी संख्या में संचालित हैं और इनमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 50,000 से अधिक श्रमिक, किसान तथा छोटे व्यापारी आजीविका से जुड़े हुए हैं। शुल्क में राहत न मिलने पर इन इकाइयों की लागत बढ़ेगी, जिससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा प्रसंस्करण उद्योगों पर निर्भर है। शुल्क बढ़ोतरी या राहत न मिलने की स्थिति में इन उद्योगों के संचालन पर संकट गहराने की आशंका है, जिससे किसानों को मिलने वाला लाभ मूल्य भी प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स, कृषक कल्याण शुल्क प्रदाताओं और दलहन–तिलहन व्यापार से जुड़े उद्यमों को शुल्क में छूट देकर बाजार में स्थिरता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में 13 मार्च 2024 की अधिसूचना का उल्लेख करते हुए मांग की कि उसी के अनुरूप शुल्क में रियायत प्रदान की जाए। चेम्बर का कहना है कि अधिसूचना के तहत उद्योगों को आर्थिक प्रोत्साहन देने का उद्देश्य था, परंतु शुल्क बढ़ोतरी के कारण उद्योगों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। चेम्बर को उम्मीद है कि सरकार व्यापारियों, किसानों और उद्यमियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेकर उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी।
मुलाकात के दौरान चेम्बर संरक्षक एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि उद्योगों को राहत मिलने से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार एवं व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।


















