
बालोद, 02 दिसम्बर 2025।
जिले में जल संरक्षण एवं संचयन के लिए चलाए जा रहे जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 की व्यापक समीक्षा आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में की। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ उत्कृष्ट कार्य करने तथा अभियान को जन आंदोलन के रूप में रूपांतरित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जल संकट पूरे देश सहित प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में जल संचयन, संरक्षण और संवर्धन के प्रति सामाजिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाएँ तभी प्रभावी होंगी जब आम जनता की भागीदारी उसमें शामिल होगी। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों, किसान समूहों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण समुदाय को अभियान से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से जल संचय, जन भागीदारी अभियान 1.0 के अंतर्गत किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसमें जल स्रोतों के सुधार, जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, तालाबों के गहरीकरण, जल संरक्षण गतिविधियों में समुदाय की सहभागिता तथा विभिन्न नवाचारों का विवरण शामिल रहा।
इसके साथ ही अभियान 2.0 के लिए विकासखण्डवार कार्य योजना भी प्रस्तुत की गई, जिसमें अधिक वर्षा जल संचयन, नाला पुनर्जीवन, जल संरचनाओं का वैज्ञानिक प्रबंधन, जल स्तर बढ़ाने हेतु तकनीकी उपाय, कृषि में माइक्रो सिंचाई तकनीक के प्रसार तथा गांव स्तर पर जल प्रबंधन समितियों के गठन पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभागों से कहा कि वे परस्पर समन्वय और प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करें, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि हर विकासखण्ड में अभियान की प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से की जाए और बेहतर कार्य करने वाले क्षेत्रों के मॉडल को पूरे जिले में लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक संस्थानों में जल संरक्षण पर जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएँ, ताकि भविष्य की पीढ़ी भी जल के महत्व को समझ सके।
बैठक में हाइड्रोजियो साइंटिस्ट श्री विपिन दुबे सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण का हर प्रयास भविष्य की सुरक्षा है, और जिले को इस अभियान के माध्यम से जल समृद्ध बनाने के लक्ष्य पर पूरी निष्ठा से कार्य करना होगा।
कलेक्टर मिश्रा ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील की कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 को जिले की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाया जाए, ताकि बालोद जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके।


















