
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा।
शासन की युक्तियुक्तकरण नीति में मनमानी और संलग्नीकरण के खेल का खुलासा होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के.आर. दयाल बौखला गए हैं। सूत्रों के अनुसार, खबर सामने आने के बाद से दयाल लगातार पत्रकारों को फोन और मैसेज कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह आरोप है कि बीईओ न केवल सीधे पत्रकारों से बात करके खबर को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि अन्य पत्रकारों को भी इशारों में उकसाकर मामले को पलटवाने या छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकारों को “फिर करवाने” जैसी अप्रत्यक्ष धमकियाँ भी दी जा रही हैं।
ज्ञात हो कि हाल ही में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में मनमानी के आरोपों को लेकर बीईओ दयाल पर सवाल उठाए गए थे, जिसमें कई शिक्षकों को नियम विरुद्ध उनके मनचाहे स्थानों पर संलग्न करने की बातें सामने आई थीं। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत और अभिभावकों में नाराजगी है।

पत्रकारों का कहना है कि यह रवैया न केवल शासन की नीतियों को कमजोर करता है, बल्कि मीडिया की स्वतंत्रता पर भी सीधा हमला है। यदि एक अधिकारी सच सामने आने पर पत्रकारों को धमकाए, तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर क्या कदम उठाते हैं। पत्रकार समुदाय ने भी मांग की है कि मीडिया को डराने-धमकाने की बजाय बीईओ अपने कामकाज पर पारदर्शिता दिखाएँ।




















