
दीपक गुप्ता की खास रिपोर्ट
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गहमरी भानु के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पेंड्रा में पदस्थ तहसीलदार अविनाश कुजूर को तत्काल हटाने की मांग की। ज्ञापन में तहसीलदार की कार्यप्रणाली को निरंकुश, गैर-जिम्मेदाराना और जनविरोधी बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए गए।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन, आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे सैकड़ों प्रकरण जानबूझकर लंबित रखे जा रहे हैं। इससे आम नागरिकों को महीनों तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। साथ ही तहसीलदार द्वारा आम लोगों के फोन कॉल तक नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बताया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि क्षेत्र में बिना लेन-देन के कार्य नहीं होने की धारणा बन चुकी है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार का रवैया अत्यंत असंवेदनशील और मनमाना है तथा वे आम जनता की समस्याएं सुनने तक में रुचि नहीं दिखाते।
राज्य शासन द्वारा 1 मई से 15 जून तक चलाए जा रहे सुशासन तिहार को भी पेंड्रा तहसील में पूरी तरह विफल बताया गया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष गहमरी भानु ने कहा कि पेंड्रा तहसील में आम जनता त्रस्त है और शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पा रही हैं। वहीं विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी ने कहा कि तहसीलदार की कार्यप्रणाली के कारण लोगों का प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है।
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि अविनाश कुजूर को तत्काल प्रभाव से हटाकर कार्यालय में अटैच किया जाए तथा उनके स्थान पर सक्षम अधिकारी की पदस्थापना की जाए। साथ ही 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।




















