
जिले की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की पहल से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी स्कूली विद्यार्थियों की आधार सीडिंग की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरी की जाए। कलेक्टर के इस सख्त और स्पष्ट निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा और सक्रियता देखने को मिल रही है।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने बैठक में कहा कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए आधार सीडिंग अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल विद्यार्थियों का सटीक डाटा उपलब्ध होगा, बल्कि शासन की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें।
कलेक्टर के निर्देशों के तुरंत बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने भी सक्रियता दिखाते हुए पूरे जिले में इस कार्य को अभियान के रूप में संचालित करने के आदेश जारी कर दिए। डीईओ ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीम बनाकर आधार सीडिंग कार्य को तेजी से पूरा करें।
डीईओ ने जानकारी दी कि अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक स्कूल में अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा, जो विद्यार्थियों के आधार नंबर को अपडेट और सत्यापित करने का कार्य करेगी। जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है, उनके लिए भी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की प्रशासनिक दृढ़ता और स्पष्ट नेतृत्व के कारण शिक्षा विभाग में अनुशासन और कार्य संस्कृति को नई दिशा मिली है। अधिकारियों और शिक्षकों में भी इस अभियान को लेकर सकारात्मक माहौल और उत्साह देखने को मिल रहा है। सभी टीमें निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी सक्रियता के साथ जुट गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों से संबंधित सभी शासकीय योजनाओं का लाभ भी सही और पात्र विद्यार्थियों तक सीधे पहुंचेगा। कुल मिलाकर कलेक्टर और शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव साबित हो रही है।




















