
नागौर, 1 मार्च
राजस्थान के नागौर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कांस्टेबल ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी, सर्किल इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना एक निजी पार्टी के बाद हुई, जहां कांस्टेबल ने सर्किल इंस्पेक्टर को शराब पीने के लिए दबाव बनाया। सर्किल इंस्पेक्टर द्वारा शराब पीने से साफ इनकार करने पर कांस्टेबल नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कांस्टेबल ने आपा खो दिया और बाद में नशे की हालत में सर्किल इंस्पेक्टर के घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया।
घटना की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि हमला किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं, बल्कि अधिकारी के निजी आवास में किया गया। हमले के वक्त आरोपी कांस्टेबल शराब के नशे में था, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। गनीमत रही कि समय रहते मामला पुलिस तक पहुंचा और बड़ी अनहोनी टल गई।
इस पूरे मामले में स्टेशन ऑफिसर ने आरोप लगाया है कि आरोपी कांस्टेबल रणजीत टाडा नशे में उनके घर में जबरन घुस आया और उन पर हमला किया। स्टेशन ऑफिसर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जो उस समय अजमेर में मौजूद थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन, आचरण और नशे से जुड़े मामलों पर बहस छेड़ दी है। आमजन का कहना है कि जो पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है, यदि उसी विभाग में इस तरह की घटनाएं होंगी तो आम लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून सभी के लिए समान है और दोषी पाए जाने पर आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ाई जाएगी।




















