
कोरबा, 15 फरवरी 2026। जिला के पाली में आयोजित पाली महोत्सव 2026 का शुभारंभ ऐतिहासिक शिव मंदिर की पावन छाया में भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। आस्था, संगीत और संस्कृति के इस विराट उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी शामिल हुए। पूरा परिसर रोशनी, ध्वनि और भक्ति की लहरों से आलोकित हो उठा।
बॉलीवुड सुरों पर झूमी पाली की धरती
मंच पर जब लोकप्रिय गायक ने अपनी मधुर आवाज़ में “देवा श्री गणेशा”, “तेरी दीवानी”, “सांसों की माला में सिमरू मैं पी का नाम”, “रश्के कमर” और “कजरा मोहब्बत वाला” जैसे गीत प्रस्तुत किए, तो श्रोता झूम उठे। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
इसके बाद और प्रसिद्ध संगीत जोड़ी ने अपने लोकप्रिय गीतों से मंच पर धमाल मचा दिया। ताल, सुर और जोश का ऐसा संगम देखने को मिला कि दर्शक देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। कलाकारों ने कहा कि पाली की संस्कृति, बोली और लोगों का स्नेह उन्हें विशेष रूप से प्रभावित कर गया।
शिव भक्ति में डूबा महोत्सव
जब मंच पर शिवभक्त गायक पहुंचे, तो वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। “मेरा भोला है भंडारी” और “ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति में सराबोर कर दिया। हजारों लोगों ने एक स्वर में “हर-हर महादेव” का उद्घोष किया, जिससे पूरा पाली शिव नगरी में परिवर्तित हो गया।
उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धा और ऊर्जा का अनूठा संगम प्रस्तुत किया, जिससे महोत्सव आध्यात्मिक ऊंचाई पर पहुंच गया।
स्थानीय कलाकारों ने बढ़ाया गौरव
राष्ट्रीय कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं ने भी अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव में रंग भर दिए। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने क्षेत्रीय विरासत को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने स्थानीय कलाकारों का भी भरपूर उत्साहवर्धन किया।
पाली महोत्सव 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि कोरबा की धरती केवल औद्योगिक पहचान ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना की भी मजबूत आधारभूमि है।
संगीत, भक्ति और उत्सव की इस अनोखी संध्या ने पाली को यादगार बना दिया—
हर-हर महादेव!




















