
CSR के तहत CIPET कोरबा में व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु युवाओं का चयन
रायगढ़, 05 फरवरी 2026
कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एनटीपीसी लारा ने एक और सशक्त एवं दूरदर्शी पहल करते हुए स्थानीय युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी है। कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत एनटीपीसी लारा द्वारा चयनित युवाओं के एक बैच को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET), कोरबा में व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए रवाना किया गया। यह पहल समावेशी विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी लारा सुभाष ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में केशव चंद्र सिंघा रॉय (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण), हेमंत पावगी (महाप्रबंधक, परियोजना), जाकिर खान (अपर महाप्रबंधक, मानव संसाधन), मनीष कुमार (अपर महाप्रबंधक – तकनीकी सेवाएं) सहित एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं चयनित युवा उपस्थित रहे।

यह तीन माह का गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम CIPET, कोरबा में असिस्टेंट मशीन ऑपरेटर – इंजेक्शन मोल्डिंग ट्रेड में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को आधुनिक तकनीक, औद्योगिक प्रक्रियाओं और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे वे उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बन सकें। यह पहल शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए सुभाष ठाकुर ने कहा कि कौशल विकास केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का आधार है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण अवधि में अनुशासन, मेहनत और सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें, ताकि वे भविष्य में अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकें।
एनटीपीसी लारा की यह CSR पहल स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को गति दे रही है। यह प्रयास न केवल युवाओं को कुशल पेशेवर बनाने में सहायक है, बल्कि शासन-प्रशासन और सार्वजनिक उपक्रमों की जनकल्याणकारी सोच को भी मजबूती प्रदान करता है।
इस प्रकार, एनटीपीसी लारा का यह कदम स्थायी विकास, आत्मनिर्भर समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय उदाहरण है।



















