
बालोद, 05 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन की सुशासन आधारित नीतियों और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण आज जिला मुख्यालय बालोद में देखने को मिला, जब कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद टेक्नोफेस्ट के टॉप टेन प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक सार्थक कदम है, बल्कि यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन बालोद बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के नवाचारी वैज्ञानिक, अभियंता और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि टेक्नोफेस्ट जैसे आयोजन ग्रामीण एवं शहरी प्रतिभाओं को समान मंच प्रदान करते हैं, जिससे जिले की प्रतिभाएँ राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचती हैं।
समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक ने जानकारी दी कि इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत छात्र-छात्राएँ नागपुर स्थित रमन विज्ञान केन्द्र, महाराजाबाग जू एवं रेल संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यह भ्रमण विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से बाहर निकलकर व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने का अवसर प्रदान करेगा।
यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि बालोद जिला प्रशासन शिक्षा बोर्ड, शासन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभा संवर्धन के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में एपीसी समग्र शिक्षा, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही बालोद जिले को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएंगे।
यह शैक्षणिक भ्रमण निश्चय ही विद्यार्थियों के जीवन में नई प्रेरणा, नया आत्मविश्वास और नई दिशा लेकर आएगा।


















