
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 05 फरवरी 2026।
जिले में शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने जिला मुख्यालय सारंगढ़ में निर्माणाधीन विभिन्न शासकीय भवनों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ कार्य में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने सर्वप्रथम निर्माणाधीन कलेक्टोरेट संयुक्त जिला कार्यालय (कंपोजिट बिल्डिंग) का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता पी एल पैकरा एवं संबंधित ठेकेदार को सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात कलेक्टर ने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यालयों के एक ही परिसर में स्थापित होने से आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने खेलभांठा मैदान में निर्माणाधीन मंच का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मंच निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह मंच विभिन्न शासकीय एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन में उपयोगी सिद्ध होगा। इसके साथ ही उन्होंने आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के पुराने छात्रावास भवन के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन किया और कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। समय पर कार्य पूर्ण न होने या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने और जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि कंपोजिट बिल्डिंग, एसडीएम एवं तहसील कार्यालय, खेलभांठा मंच तथा पुराने छात्रावास भवन के जीर्णोद्धार से जिला मुख्यालय सारंगढ़ में अधिकांश शासकीय कार्यालय एक ही परिसर में संचालित हो सकेंगे। इससे आम नागरिकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और शासकीय सेवाएं अधिक सुगम एवं प्रभावी रूप से उपलब्ध हो सकेंगी।


















