
सारंगढ़–बिलाईगढ़।
जिला सारंगढ़–बिलाईगढ़ अंतर्गत जनपद पंचायत बिलाईगढ़ की ग्राम पंचायत पेंड्रावन में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, अनुशासन एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती पिंकी जांगड़े की सक्रिय भूमिका और सशक्त नेतृत्व सराहनीय रहा, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समारोह का शुभारंभ प्रातः ध्वजारोहण के साथ किया गया। सरपंच श्रीमती पिंकी जांगड़े द्वारा राष्ट्रध्वज फहराए जाने के पश्चात पूरे पंचायत परिसर में राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ, जिससे वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। ग्रामीणों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के साथ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर सरपंच श्रीमती पिंकी जांगड़े ने अपने संबोधन में कहा कि “गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान, लोकतंत्र और समान अधिकारों का प्रतीक है। ग्राम पंचायत पेंड्रावन को विकास, शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक समरसता के पथ पर आगे ले जाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने ग्रामवासियों से पंचायत के विकास कार्यों में सहयोग की अपील भी की।
कार्यक्रम में पंचायत के उपसरपंच, पंचगण, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन बहनें, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सरपंच के नेतृत्व में पंचायत द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सभी उपस्थितजनों ने प्रशंसा की और उनके प्रयासों को गांव के लिए लाभकारी बताया।

समारोह के दौरान संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया तथा नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। साथ ही देशभक्ति गीतों एवं प्रेरणादायी विचारों ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच श्रीमती पिंकी जांगड़े के कार्यकाल में पंचायत में पारदर्शिता, सहभागिता और विकास की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत पेंड्रावन में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह न केवल राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने वाला रहा, बल्कि सरपंच के नेतृत्व में पंचायत की एकजुटता और सक्रियता का भी परिचायक बना। कार्यक्रम का समापन जय हिंद, जय भारत, जय संविधान के नारों के साथ किया गया।
यह आयोजन ग्राम पंचायत पेंड्रावन में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक एकता और विकास की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।




















