
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 24 जनवरी 2026/
जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, न्यायसंगत एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। शनिवार को सारंगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिले की समस्त धान खरीदी समितियों के प्रबंधकों को स्पष्ट और दो टूक निर्देश दिए गए कि शासन की मंशा के अनुरूप केवल वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ विकासखंड के समिति प्रबंधक उपस्थित रहे। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को किसी भी स्थिति में धान खरीदी टोकन के लिए भटकना नहीं पड़े। यदि किसी वास्तविक किसान का धान नहीं खरीदा जाता है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी और संबंधित समिति प्रबंधक एवं मंडी प्रभारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि अवैध कोचियों एवं अमानक धान की खरीदी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में यह पाया गया कि किसी समिति द्वारा वास्तविक किसान को दरकिनार कर कोचियों का धान खरीदा गया है, तो दोषियों के विरुद्ध जांच कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि धान खरीदी से पूर्व शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने निर्देशित किया कि जिन किसानों के टोकन काटे गए हैं, उनका धान सत्यापन के बाद ही खरीदा जाए। वहीं जिन किसानों का टोकन तो कटा है, लेकिन उनके पास धान उपलब्ध नहीं है, ऐसे मामलों में रकबा समर्पण अनिवार्य रूप से कराया जाए, जिससे फर्जीवाड़े पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि 50 क्विंटल से अधिक धान विक्रय करने वाले बड़े किसानों का सत्यापन एसडीएम स्तर से कराया जाएगा और सत्यापन उपरांत ही धान खरीदी की अनुमति दी जाएगी। इससे बड़े पैमाने पर होने वाली अनियमितताओं को रोका जा सकेगा।
राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर ने यह भी बताया कि 23 जनवरी तक की गई धान खरीदी की अलग स्टैकिंग की जाएगी, जबकि 27 जनवरी के बाद खरीदे जाने वाले धान की पृथक स्टैकिंग अनिवार्य होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार 27 जनवरी के बाद की गई धान खरीदी पर डीओ कटौती लागू नहीं होगी, जिसकी जानकारी सभी समिति प्रबंधकों को दे दी गई है।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक किसान शासन की सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने समिति प्रबंधकों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक का समग्र उद्देश्य जिले में धान खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, किसानों का विश्वास बनाए रखना तथा अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना रहा। कलेक्टर के इन सख्त और स्पष्ट निर्देशों से जिले के किसानों में सकारात्मक संदेश गया है और प्रशासनिक दृढ़ता का परिचय मिला है।




















