
नव वर्ष पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मिली स्मार्ट मीटर की सौगात, पारदर्शिता और ऊर्जा दक्षता की ओर बड़ा कदम
बालोद, 31 दिसम्बर 2025/
नए वर्ष 2026 की शुरुआत दुर्ग रीजन के बिजली उपभोक्ताओं के लिए तकनीक, पारदर्शिता और सुविधा की नई रोशनी लेकर आ रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र द्वारा स्मार्ट मीटर योजना को तेज़ी से लागू करते हुए अब तक 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों के लाखों उपभोक्ता नए साल में स्मार्ट बिजली व्यवस्था के साथ कदम रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि दुर्ग रीजन के तीनों जिलों में कुल लगभग 9 लाख 80 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 5 लाख 71 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दुर्ग क्षेत्र स्मार्ट और आधुनिक विद्युत व्यवस्था की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का हर आधे घंटे का विवरण देख सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को यह समझने में आसानी होगी कि कब और कितनी बिजली खर्च हो रही है, जिससे वे ऊर्जा का किफायती और विवेकपूर्ण उपयोग कर सकेंगे। स्मार्ट मीटर से बिलिंग और रीडिंग पूरी तरह स्वचालित हो गई है, जिससे समय पर और सटीक बिल प्राप्त हो रहे हैं।
दुर्ग रीजन के विभिन्न संभागों में स्मार्ट मीटर स्थापना की स्थिति उल्लेखनीय है। भिलाई पश्चिम संभाग में 62,075, भिलाई पूर्व में 48,968, दुर्ग शहर में 59,244, बालोद संभाग में 1,03,696, दुर्ग ग्रामीण में 73,058, बेमेतरा में 53,556, साजा में 52,131, अहिवारा में 53,196 तथा पाटन संभाग में 65,152 निम्नदाब उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से अब मीटर रीडर के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रीडिंग सीधे विभागीय सिस्टम तक पहुंच जाएगी। प्रीपेड व्यवस्था लागू होने पर उपभोक्ताओं को हर साल जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि से भी मुक्ति मिलेगी। बैंक खाते की तरह उपभोक्ता के मोबाइल पर बिजली की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
भविष्य में 10 किलोवॉट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को टीओडी (टाइम ऑफ डे) टैरिफ पर बिलिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे कम दरों पर बिजली उपयोग का लाभ प्राप्त होगा। यह सुविधा भी स्मार्ट मीटर के माध्यम से ही संभव होगी।
सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने उपभोक्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि वे अपना मोबाइल नंबर अवश्य पंजीकृत कराएं, ताकि स्मार्ट मीटर से संबंधित सभी सूचनाएं एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए उपभोक्ता दैनिक खपत, बिल भुगतान और अन्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह निःशुल्क है। भविष्य में सोलर रूफटॉप कनेक्शन लेने पर स्मार्ट मीटर लगे परिसरों में नेट मीटर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जीनस कंपनी के कर्मचारी अधिकृत पहचान पत्र एवं यूनिफॉर्म के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य कर रहे हैं।
आरडीएसएस योजना के अंतर्गत चल रही यह पहल न केवल बिजली व्यवस्था को आधुनिक बना रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी, भरोसेमंद और स्मार्ट सेवाएं भी उपलब्ध करा रही है। नए साल में स्मार्ट मीटर के साथ दुर्ग रीजन के उपभोक्ता सचमुच नई तकनीक के उजाले में 2026 का स्वागत कर रहे हैं।




















