
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 दिसंबर 2025/
जिले में जनहित और बुनियादी ढांचों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मंगलवार को सारंगढ़ से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घोराघाटी में बने लातनाला डायवर्सन डेम का गहन निरीक्षण किया। लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह महत्वपूर्ण परियोजना वर्ष 2008 में प्रारंभ हुई थी और 2011–12 में पूर्ण हुई। समय के साथ डेम में उत्पन्न कटाव और ढलान संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही ठोस और त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने डेम की संरचनात्मक स्थिति, जल प्रवाह की दिशा, कटाव प्रभावित क्षेत्रों और आसपास के ग्रामीण इलाकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के एसडीओ को निर्देशित किया कि डेम में हुए कटाव का विस्तृत तकनीकी स्टीमेट तैयार कर शीघ्र शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि मरम्मत और सुरक्षा कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

कलेक्टर ने सेमरापाली क्षेत्र में लातनाला के ढलान को ध्यान में रखते हुए वहां स्टॉपडेम निर्माण के भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जल संरक्षण के साथ-साथ बहाव को नियंत्रित करने और कटाव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कलेक्टर का स्पष्ट संदेश था कि भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति को रोकने के लिए स्थायी और वैज्ञानिक समाधान आवश्यक हैं।
इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने सीईओ जिला पंचायत श्री इंद्रजीत बर्मन को निर्देश दिए कि तटबंध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को जलजनित जोखिम से सुरक्षा मिल सके। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सरपंच श्री संतोष चौहान, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सीईओ जनपद पंचायत श्री राधेश्याम नायक, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कलेक्टर द्वारा सीधे मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लेने और त्वरित निर्णय लेने की सराहना की।

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि शासन की प्राथमिकता स्पष्ट है— जनसंपत्ति की सुरक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और विकास कार्यों की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कुल मिलाकर, कलेक्टर का यह निरीक्षण जिले में सक्रिय प्रशासन, जवाबदेही और जनहितकारी सोच का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यह पहल न केवल डेम की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि ग्रामीणों के भरोसे को भी और मजबूत करेगी।




















