
बालोद, 29 दिसम्बर 2025।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन बालोद द्वारा निरंतर मानवीय और सराहनीय पहल की जा रही है। इसी कड़ी में आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में एक भावनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को विशेष तकनीक से युक्त स्मार्ट मोबाईल सेट प्रदान किए गए।
इस अवसर पर नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन तथा पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र राय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को मोबाईल सेट प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल, आत्मनिर्भर भविष्य की कामना की।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं और उन्हें तकनीक के माध्यम से सक्षम बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाईल केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, जानकारी और आत्मनिर्भरता का सशक्त साधन है। दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए यह पहल उनके दैनिक जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि दिव्यांगजनों को प्रदान किए गए इन मोबाईल सेटों में विशेष एप्प पहले से डाउनलोड किए गए हैं, जिनकी सहायता से मोबाईल को स्पर्श करने पर सांकेतिक भाषा के स्थान पर स्पष्ट आवाज के माध्यम से जानकारी प्राप्त होगी। दृष्टिबाधित दिव्यांगजन आवाज को पहचानकर अपने इच्छानुसार कॉल करना, संदेश सुनना, एप्लिकेशन का उपयोग करना एवं अन्य आवश्यक कार्य आसानी से कर सकेंगे। यह तकनीक उन्हें दूसरों पर निर्भर रहने से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगजनों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मोबाईल से अब वे स्वयं अपने कार्य कर सकेंगे, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और समाज में उनकी सहभागिता और मजबूत होगी।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम सहित दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के विशेष आवासीय केन्द्र कचांदुर के दिव्यांगजन दुलेश्वरी, प्रियांशु सोनकर, याचना साहू, योगेश ठाकुर एवं अन्य दिव्यांगजन उपस्थित थे।
यह पहल जिला प्रशासन बालोद की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयास न केवल सराहनीय हैं, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। यह कार्यक्रम स्पष्ट करता है कि तकनीक और संवेदना के समन्वय से सशक्त समाज का निर्माण संभव है।




















