
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 22 दिसंबर 2025/
जिले में प्रशासन को जनसरोकारों से जोड़ने की दिशा में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की पहल अब ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के तहत आयोजित की जा रही रात्रिकालीन जनचौपाल न केवल समस्याएं सुनने का मंच बन रही है, बल्कि यह पीड़ित, जरूरतमंद और दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की रोशनी भी जगा रही है।
इसी क्रम में बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत परसापाली में आयोजित रात्रिकालीन जनचौपाल के दौरान दिव्यांग बालिका वीरा कुमारी भोय ने अपने जीवन की पीड़ा कलेक्टर के समक्ष रखी। चलने-फिरने में असमर्थ वीरा कुमारी ने व्हीलचेयर की आवश्यकता बताई। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए बिना किसी औपचारिकता के मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के स्पष्ट और संवेदनशील निर्देशों का असर यह रहा कि जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के माध्यम से ग्राम पंचायत परसापाली के सचिव द्वारा आश्रित ग्राम भोगडीह पहुंचकर दिव्यांग बालिका को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। व्हीलचेयर मिलते ही वीरा कुमारी के चेहरे पर जो मुस्कान आई, वह प्रशासन की सार्थकता को स्वयं बयां कर रही थी।
दिव्यांग बालिका ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की खुले दिल से सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार ऐसा लगा कि प्रशासन सचमुच उनकी बात सुन रहा है और तुरंत समाधान भी कर रहा है।
रात्रिकालीन जनचौपाल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो शारीरिक अक्षमता, आर्थिक कमजोरी या दूरी के कारण कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते। जरूरतमंद, निराश्रित और दिव्यांगजन अब अपने गांव में ही अपनी बात सीधे कलेक्टर तक रख पा रहे हैं और योजनाओं का शीघ्र लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता, जवाबदेही और मानवीय दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण बनती जा रही है। रात्रिकालीन जनचौपाल न केवल समस्याओं का समाधान कर रही है, बल्कि आम जनता के मन में शासन के प्रति विश्वास और भरोसा भी मजबूत कर रही है।




















