
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 दिसंबर 2025।
पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान की प्रभावशाली शुरुआत रविवार 21 दिसंबर से की गई। यह अभियान 21 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक लगातार तीन दिनों तक संचालित होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के शून्य से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है।
अभियान के पहले दिन जिले के समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। रविवार सुबह से ही बूथों पर अभिभावकों की भीड़ और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता देखने को मिली। बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से अभिभावक अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को लेकर पोलियो बूथों तक पहुंचते नजर आए। अभियान के दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए हैं, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रह जाए।
सरिया तहसील के ग्राम पंचायत बुदबुदा में भी राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का सफल आयोजन किया गया। यहां आंगनबाड़ी केंद्र में शून्य से 5 वर्ष तक के कुल 39 बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर जनार्दन साहा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमित्रा पाव तथा मितानिन रिंकी पटेल द्वारा बच्चों को दवा पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को पोलियो के प्रति जागरूक भी किया गया। सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सेक्टर इंचार्ज एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन जिले के सभी पोलियो बूथों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों का भ्रमण कर रही हैं और अभियान की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी बच्चे को पोलियो ड्रॉप से वंचित न रहना पड़े।
डॉ. ऋषभ शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के सहयोग से सभी पोलियो बूथों पर टीकाकरण एवं पोलियो ड्रॉप पिलाने का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही अभियान के दूसरे और तीसरे दिन छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाने की विशेष व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि भारत को भले ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन इस बीमारी के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निरंतर सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी को पोलियो जैसी गंभीर और अपंगता पैदा करने वाली बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो ड्रॉप पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग देकर देश के स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत करें।


















