
कटघोरा | दोपहर लगभग 1:45 बजे
कटघोरा स्थित IDFC फर्स्ट बैंक की शाखा में ग्राहक सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला गंभीर मामला सामने आया है। बैंक के कर्मचारी विकास श्रीवास पर आरोप है कि उन्होंने कई महीनों से खाता फ्रीज की समस्या से जूझ रहे ग्राहक के साथ सरेआम बदतमीजी, ऊंची आवाज़ में चिल्लाने और धमकी भरे लहजे में बातचीत की।
पीड़ित ग्राहक के अनुसार, वह अपने फ्रीज अकाउंट को अनफ्रीज कराने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं दिया जा रहा। शनिवार दोपहर जब वह पुनः बैंक पहुंचा, तो कर्मचारी विकास श्रीवास ने काउंटर पर ही गुस्से में चिल्लाते हुए कहा—
“यहां मत आया करो”।
इतना ही नहीं, कर्मचारी ने धमकी भरे स्वर में यह भी कहा—
“मैं मैनेजर को बोलता हूं, देखता हूं कैसे तुम्हारा अकाउंट फ्रीज को अनफ्रीज होता है।”
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कर्मचारी का व्यवहार इतना आक्रामक और अपमानजनक था कि बैंक में मौजूद अन्य ग्राहक भी असहज हो गए। यह घटनाक्रम बैंक के उस सुशील, शालीन और व्यवहारकुशल मैनेजर की छवि के बिल्कुल विपरीत है, जिनकी साख पर इस तरह के कर्मचारी सवालिया निशान लगा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि कर्मचारी विकास श्रीवास जैसे व्यवहार से न केवल ग्राहक का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है, बल्कि इससे IDFC फर्स्ट बैंक की छवि भी धूमिल हो रही है। खाता फ्रीज जैसे संवेदनशील मामलों में ग्राहक को डराने के बजाय समाधान देना बैंक की जिम्मेदारी है।
पीड़ित ग्राहक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और संबंधित कर्मचारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। खबर लिखे जाने तक बैंक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सवाल यह है—क्या बैंक प्रबंधन ऐसे कर्मचारियों पर लगाम लगाएगा, या ग्राहक यूं ही अपमान सहने को मजबूर रहेंगे?



















