
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 16 दिसंबर 2025/ जिले में आपदा की दुखद घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से मृत नागरिकों के परिजनों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के अंतर्गत राहत राशि स्वीकृत की गई है। इस क्रम में ऐसे 5 परिवारों के निकटतम वारिसों को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे शोकाकुल परिवारों को कठिन समय में सहारा मिला है।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने समय-सीमा की बैठक के दौरान मृतकों के परिजनों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान करते हुए संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासन और जिला प्रशासन आपदा की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। राहत राशि भेंट किए जाने से परिजनों के चेहरों पर संतोष और भरोसा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रतीकात्मक चेक प्राप्त करने वाले वारिसों में मनोज कलेत, जगेश्वर यादव, कर्महा सिदार, पुष्पा अजगल्ले, अंजू साहू और खोलबहरा चौरगे शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरमकेला विकासखंड के ग्राम झिंकीपाली निवासी भानुमति कलेत की मृत्यु आग में जलने की दुखद घटना में हुई थी। इसी प्रकार सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम कुर्राहा निवासी आशीष चौरगे तथा बरमकेला विकासखंड के ग्राम लेन्धरा निवासी निखिल सिदार की मृत्यु सर्पदंश के कारण हो गई थी। वहीं सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम ठेलकाभांठा निवासी संजय कुमार अजगल्ले की मृत्यु तालाब के पानी में डूबने से हुई। सरसींवा तहसील के ग्राम बेंगपाली निवासी विनोद कुमार साहू की मृत्यु चिचोली बैराज के पानी में डूबने से तथा सरिया तहसील के ग्राम दादरपाली निवासी केदार उर्फ केदाल यादव की मृत्यु महानदी में डूबने से हुई थी। इन सभी घटनाओं ने संबंधित परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया था।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने इन प्रकरणों में संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सभी मामलों में त्वरित जांच कर शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता राशि समय पर पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर की इस पहल को जिले में सराहना मिल रही है। आमजन का कहना है कि डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में प्रशासन न केवल नियमों के अनुरूप कार्य कर रहा है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। आपदा की घड़ी में त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचायक है।
डॉ. संजय कन्नौजे का यह प्रयास यह संदेश देता है कि जिले में शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। आपदा से प्रभावित परिवारों को मिला यह आर्थिक संबल उनके जीवन को पुनः संवारने में सहायक सिद्ध होगा और प्रशासन पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत करेगा।




















