
कोरबा/पाली।
पाली विकासखंड क्षेत्र में नदी-नालों से हो रहे अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से रेत कारोबारियों, ट्रैक्टर मालिकों और चालकों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और अवैध रेत परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया जा रहा है। इस सख्ती से जहां एक ओर रेत माफियाओं पर दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर पंचायतों में चल रहे शासकीय निर्माण कार्यों के लिए रेत की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लंबे समय से क्षेत्र की नदियों और नालों से बेखौफ होकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। इससे न केवल शासन को राजस्व की बड़ी हानि हो रही थी, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अवैध खनन और परिवहन पर कड़ाई से रोक लगाने के निर्देश दिए, जिसके बाद राजस्व एवं खनिज अमला लगातार कार्रवाई में जुटा हुआ है।
इस अभियान के तहत कई स्थानों पर दबिश दी गई है और बिना अनुमति रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों को जब्त किया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध रेत आपूर्ति लगभग ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र में रेत माफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। हालांकि, इसका प्रत्यक्ष असर शासकीय निर्माण कार्यों पर भी पड़ा है।
पाली क्षेत्र की पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्य प्रगति पर हैं। रेत की अनुपलब्धता के कारण कई निर्माण कार्य या तो धीमे पड़ गए हैं या पूरी तरह से रुक गए हैं। इससे न केवल कार्यों की समय-सीमा प्रभावित हो रही है, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण एजेंसियों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि रेत निर्माण कार्यों का एक आवश्यक घटक है, लेकिन खनन पर सख्ती के चलते वैध तरीके से रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में वैध सरकारी निर्माण कार्य संकट में आ गए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन का मानना है कि अवैध खनन पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और राजस्व हितों की रक्षा की जा सके।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और निर्माण एजेंसियों द्वारा प्रशासन से मांग की जा रही है कि अवैध रेत खनन एवं परिवहन पर रोक जारी रखते हुए शासकीय रेत खदानों को शीघ्र खोला जाए, ताकि सरकारी परियोजनाओं के लिए वैध और नियंत्रित तरीके से रेत की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इससे एक ओर विकास कार्यों में गति आएगी, वहीं दूसरी ओर रेत माफियाओं पर स्थायी लगाम भी लगेगी।
बहरहाल, पाली विकासखंड क्षेत्र में प्रशासन की यह कार्रवाई जहां अवैध रेत कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में सराहनीय कदम मानी जा रही है, वहीं शासकीय निर्माण कार्यों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।




















