
कोरबा, 07 दिसंबर 2025।
कोरबा शहर रविवार को योगमय हो उठा, जब गीतांजलि भवन, पुराना बस स्टैंड में कोरबा योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय महिला योग प्रतियोगिता 2025 का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन की गरिमा, प्रतिभागियों का उत्साह और मंच पर दिखी अनुशासन की ऊर्जा ने पूरे परिसर को एक अलग ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल में रंग दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्राओं और महिला पतंजलि समूह की मनमोहक योग प्रस्तुतियों से हुई, जिनमें लचीलेपन के साथ संतुलन और सटीकता का ऐसा संगम देखने मिला कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। प्रत्येक आसन मानो शरीर और आत्मा का संवाद बनकर सामने आया। उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन उपस्थित रहे। उनके साथ ही कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, प्रमोद अग्रवाल, संजय कुर्मीवंशी, दुर्गेश राठौर, सचिन विश्वकर्मा तथा एसोसिएशन की अनेक सदस्याएं भी मौजूद रहीं।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग हर व्यक्ति के लिए एक संजीवनी की तरह है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “योग मन, शरीर और आत्मा – तीनों को संतुलित करता है। अगर हम रोज़ कुछ समय योग के लिए दें, तो जीवन में शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा स्वतः बढ़ने लगती है।” उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक बताया और एसोसिएशन को इस पहल को लगातार जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने योग के प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक महत्व तक का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “योग भारत की धरोहर है। हमारे ऋषि-मुनि योग के माध्यम से आत्मबल, एकाग्रता और रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाते थे। आज आधुनिक विज्ञान भी इसे स्वीकार करता है कि योग शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बेहद प्रभावी है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल से योग को वैश्विक पहचान मिली है, जिसका परिणाम है कि विश्व के 180 से अधिक देश आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाते हैं। मंत्री देवांगन ने युवा प्रतिभाओं को योग के माध्यम से आगे बढ़ने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संदेश भी दिया।

योग प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग की प्रतिभागियों ने अपने-अपने आसनों का प्रदर्शन किया। हर प्रदर्शन में अनुशासन, वर्षों की साधना और योग के प्रति उनकी निष्ठा स्पष्ट दिखाई दी। निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम न केवल प्रतियोगिता भर था, बल्कि यह संदेश भी था कि स्वस्थ समाज की नींव योग और स्वास्थ्य जागरूकता से ही मजबूत होती है।
कोरबा में आयोजित यह महिला योग प्रतियोगिता सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि उस विचार का उत्सव थी कि “योग केवल अभ्यास नहीं, जीवन का उत्सव है।”


















