
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 2025 के अवसर पर मेरठ में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का नाम एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है। दिव्यांग कल्याण समिति, मेरठ द्वारा आयोजित “दिव्यांग रत्न सम्मान 2025” समारोह में कोरबा के सक्रिय समाजसेवी एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांग शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री प्रकाश खाकसे को “राष्ट्रीय दिव्यांग रत्न सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद् के माननीय मंत्री पं. सुनील भराला मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने अपने करकमलों से देशभर से चयनित उन प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिन्होंने दिव्यांगजन के अधिकारों, कल्याण योजनाओं, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसी क्रम में श्री प्रकाश खाकसे को भी उनके लंबे संघर्ष, समर्पण और निरंतर सेवा भाव के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
श्री खाकसे पिछले 20 वर्षों से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन के हितों की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिसके परिणामस्वरूप कई नीतिगत सुधार हुए और दिव्यांगजन को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लाभ मिला। कोरबा जिले के दिव्यांग बेरोजगार युवाओं, शासकीय कर्मचारियों तथा सहायता से वंचित लोगों के लिए उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष सार्थक पहल की, जिससे ठोस परिणाम भी देखने को मिले।
खास बात यह है कि यह सम्मान श्री खाकसे को लगातार दूसरे वर्ष मिला है। वर्ष 2024 में भी उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा “सर्वोत्तम दिव्यांग कर्मचारी सम्मान” से अलंकृत किया गया था। राज्य स्तरीय और अब राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह उपलब्धि उनके समाजसेवी व्यक्तित्व, संघर्षशीलता, सेवा-भाव और दिव्यांगजन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मेरठ में आयोजित समारोह में विभिन्न राज्यों से आए समाजसेवी, अधिकारी, प्रतिनिधि और दिव्यांगजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्री खाकसे के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और समर्पण से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
यह सम्मान न केवल श्री प्रकाश खाकसे की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि छत्तीसगढ़, विशेषकर कोरबा जिले के लिए गौरव का विषय है। उनकी कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ निश्चय और सामाजिक दायित्व भावना के साथ किए गए प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।



















