
नई दिल्ली, 05 दिसंबर 2025
भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक तथा रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने वाली 23वीं वार्षिक शिखर बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में सम्पन्न हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति पुतिन चार साल बाद भारत के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर पहुंचे हैं। सुबह राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और विज़िटर बुक में अपने विचार दर्ज किए। उनके साथ रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोउसौफ़, क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव सहित शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान भारत–रूस संबंधों को “समग्र रणनीतिक साझेदारी” के रूप में और मजबूत करने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है, जिससे व्यापार और ऊर्जा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

दोनों देशों के बीच जिन मुख्य क्षेत्रों में समझौते हुए, उनमें कोऑपरेशन और माइग्रेशन, हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन, फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स, फर्टिलाइजर सप्लाई, पोलर शिप्स और मैरीटाइम कोऑपरेशन शामिल हैं। इन समझौतों से चिकित्सा शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, नौवहन और उर्वरक आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत–रूस के बीच लंबे समय से सैनिक तकनीक, रक्षा निर्माण और संयुक्त उत्पादन का संबंध रहा है, जिसे आगे और मजबूत करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र — विशेषतः तेल और गैस आपूर्ति — को बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई, ताकि वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं से निपटने में सहयोग मिल सके।
भारत–रूस संबंधों को नई दिशा देने वाली यह वार्षिक बैठक न सिर्फ दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों को मजबूती देती है, बल्कि आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक सहयोग को भी गहराई प्रदान करती है। पुतिन की यह यात्रा इस बात का संकेत है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत और रूस एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बने रहेंगे।




















