
कोरबा, 04 दिसंबर 2025। जिले के प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव ने गुरुवार को अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान पाली एवं बक्साही धान उपार्जन केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने खरीदी व्यवस्था, किसान सेवाओं, तकनीकी सुविधाओं और भंडारण प्रणाली की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत, एसडीएम पाली रोहित सिंह, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
डॉ. यादव ने सबसे पहले दोनों केंद्रों में उपस्थित कंप्यूटर ऑपरेटरों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पूछा कि अब तक कितने किसानों ने धान बेचा है, प्रतिदिन कितने किसान केंद्रों में पहुंचते हैं तथा कितनी मात्रा में धान का उपार्जन किया जा चुका है। समिति प्रबंधक ने अवगत कराया कि बक्साही केंद्र में आज 16 टोकन जारी किए गए हैं। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन से संबंधित आंकड़ों में पूर्ण पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाए ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
उन्होंने टोकन वितरण की 70:30 अनुपात व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए बड़े किसानों के साथ-साथ छोटे किसानों को भी समान अवसर और सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसानों को खरीदी प्रक्रिया से संतोषजनक अनुभव मिले।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने किसानों से सीधे संवाद किया। किसानों ने बताया कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित है। उन्होंने टोकन व्यवस्था और त्वरित खरीदी से संतुष्टि व्यक्त की। डॉ. यादव ने उनकी फसल उत्पादन, कृषि समस्याओं और बाजार व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए उचित सुझाव भी दिए।
डॉ. यादव ने उपार्जन केंद्रों में संचालित माइक्रो एटीएम व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या न आए और किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध हो। इसके बाद उन्होंने धान भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया और तिरपाल, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई तथा भंडारण की मजबूती का बारीकी से अवलोकन किया।
कुल मिलाकर, प्रभारी सचिव डॉ. रोहित यादव का यह निरीक्षण जिले की खरीदी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।




















