
रायपुर, 28 नवम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज स्कूली शिक्षा की प्रगति, आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों तथा अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और क्रियान्वयन की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों को पूर्ण सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ परिवहन करने के लिए उच्च स्तरीय ट्रैकिंग सिस्टम का विकास किया जाए। इस प्रणाली से प्रश्नपत्र प्रेषण, परिवहन और सुरक्षित वितरण की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।
बैठक में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि राज्य में विद्यालयों की नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने की पहल ने प्रारंभिक शिक्षा में बेहतर आधार सुनिश्चित किया है। मातृभाषा-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने और स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक कक्षाओं के लिए सामग्री विकसित करने के कार्य की भी सराहना की गई।
बैठक में ‘‘जादुई पिटारा’’ और ‘‘संवाद कार्यक्रम’’ जैसी अभिनव शिक्षण पहलों का मूल्यांकन किया गया, जिन्होंने बच्चों में सीखने की रुचि और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाया है। विद्यालयों में इको क्लब गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और स्वच्छता के प्रति विद्यार्थियों में संवेदनशीलता विकसित हो रही है। इसके साथ ही पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल शिक्षण सामग्री, ऑनलाइन प्रसारण और ई-कंटेंट की उपलब्धता से दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।
बैठक में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) के विस्तार पर भी चर्चा हुई। कौशल आधारित शिक्षा को विद्यालय स्तर से ही मजबूत करने के उद्देश्य से नए ट्रेड, प्रयोगशालाएँ और प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंजोर विजन 2047 छत्तीसगढ़ की भविष्य पीढ़ी को सशक्त, कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, तकनीकी प्रणालियों को मजबूत करने और विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह बैठक छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्षेत्र के व्यापक सुधार और भविष्य के मजबूत शैक्षणिक ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।




















