
शासन-प्रशासन सतर्क, वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए शुरू की त्वरित कार्रवाई
कोरबा, 24 नवंबर 2025।
कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में हाथियों का आतंक एक बार फिर गहराता दिखाई दिया है। जटगा रेंज में बीती रात 53 हाथियों का विशाल दल पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। एतमानगर रेंज के पचरा जंगल से आगे बढ़ते हुए इस झुंड ने जटगा और आसपास के गांवों में व्यापक उत्पात मचाया। हाथियों ने एक ग्रामीण के बाड़े को पूरी तरह तहस-नहस करते हुए वहां लगी गंवार फल्ली, फूलगोभी, केला, बरबट्टी और अन्य सब्जियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही हाथियों के झुंड ने कई खेतों में पहुंचकर तैयार धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
पूरी रात उत्पात मचाने के बाद सुबह होते-होते हाथियों का दल जंगल की ओर लौट गया और कक्ष क्रमांक OH-176 में डेरा डाल दिया। जटगा रेंज में इतने बड़े दल का एक साथ प्रवेश ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। इससे पहले भी यह झुंड पचरा क्षेत्र में सक्रिय था और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए जटगा पहुंचा। रात भर लगातार खेतों, बाड़ी और फसलों को नुकसान पहुंचाने के कारण ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है।
शासन-प्रशासन की त्वरित सक्रियता
बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी के बाद शासन-प्रशासन ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं। वन विभाग ने जटगा और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों को रात के समय खेतों की ओर न जाने और समूह में रहने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वन मंडल अधिकारियों ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही हाथियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने टीमों की तैनाती कर दी है।
वन विभाग की प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और फसलों को होने वाले नुकसान को कम करना है। इसके लिए हाथियों को जंगल की गहराई में सुरक्षित रूप से ले जाने की रणनीति पर भी काम शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की गतिविधि पर निरंतर अपडेट रखा जा रहा है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी टीम अलर्ट मोड पर है।
लगातार बढ़ रहा है हाथियों का मूवमेंट
इधर कटघोरा वनमंडल के करतला रेंज के नोनबिर्रा सर्किल में भी हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है। यहां भी हाथी बार-बार खेतों में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को चेतावनी जारी कर कहा है कि हाथियों के करीब न जाएँ और उनकी हर गतिविधि की सूचना तुरंत वनकर्मियों को दें।
सरकार और प्रशासन किसानों के साथ
प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों और ग्रामीणों को इस संकट से निपटने में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया जा रहा है और नुकसान का आकलन पूरा होते ही मुआवजा प्रक्रिया भी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि शासन-प्रशासन हर क्षण उनके साथ है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। वन विभाग की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को नियंत्रण में रखने में अपनी सक्रियता स्पष्ट कर दी है।
जटगा रेंज में हाथियों की मौजूदगी भले चिंता का विषय हो, लेकिन शासन-प्रशासन की समयबद्ध कार्रवाई ने राहत की उम्मीद जगाई है।




















