
कटघोरा। क्षेत्र क्र. 05 में आज मानवीयता और निःस्वार्थ सेवा का ऐसा उदाहरण देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल छू लिया। समाजसेवा के लिए विख्यात आरती नरेन्द्र साहू की टीम को सुबह रूम के पास एक मासूम गौ माता का छोटा बछड़ा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। बछड़े के मुँह पर गहरी चोट थी, खून बह रहा था और वह दर्द से काँप रहा था। दृश्य बेहद मार्मिक था।
स्थिति को देखते ही टीम के प्रमुख सदस्य गुरमीत भाई ने बिना एक पल की देरी किए बछड़े को तुरंत गोद में उठा लिया और वहीं मौके पर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। उनकी आँखों में केवल एक ही भाव दिख रहा था—एक बेजुबान की जान बचानी है। टीम के अन्य सदस्य लगातार सहायता में लगे रहे।

लगभग कुछ समय तक चल रहे उपचार के बाद जब बछड़े ने राहत की साँस ली, उसकी आँखों में जो सुकून और भरोसा दिखाई दिया, वह हर किसी के लिए किसी दुआ से कम नहीं था। इस भावुक पल ने साबित कर दिया कि सच्ची सेवा किसी मंच, कैमरा या प्रसिद्धि की मोहताज नहीं होती।
आज के समय में जब सोशल मीडिया पर दिखावे और बड़ी-बड़ी बातों का बोलबाला है, वहीं गुरमीत भाई और आरती नरेन्द्र साहू की टीम जैसे लोग चुपचाप, बिना शोर मचाए, धरातल पर वास्तविक सेवा का कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोग ही समाज को मानवता की दिशा दिखाते हैं।
स्थानीय लोगों ने इस कार्य की अत्यधिक प्रशंसा की और कहा कि यह टीम हमेशा कटघोरा में सामाजिक सेवा, पशु संरक्षण और मानवीय कार्यों में अग्रणी रही है। उनका यह प्रयास फिर साबित करता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और ऐसे हाथ ही धरती पर भगवान के रूप में माने जाते हैं।
जय गौ माता
जय इंसानियत




















