
मनेंद्रगढ़/कोरबा/जिला मुख्यालय। नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ पर जिलेभर में जनजागरूकता की एक व्यापक और प्रभावशाली लहर देखने को मिली। शासन–प्रशासन, पुलिस विभाग, स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूलों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दृढ़ता से दोहराया कि समाज को नशे की बुराई से मुक्त कराना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिला कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने किया। इस अवसर पर सभी अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कलेक्टर ने नशे के विरुद्ध शपथ दिलाते हुए कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की ताकत होते हैं। उनका स्वच्छ, स्वस्थ और नशामुक्त रहना समाज और देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को कमजोर करता है, बल्कि परिवार और समाज की उन्नति के मार्ग में बाधक बनता है। इसलिए हर नागरिक को जागरूक होकर नशे के तस्करों की जानकारी पुलिस को देना चाहिए, ताकि इस कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सके।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिला पुलिस नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही गांवों, स्कूलों और शहरी इलाकों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों से जनता में पुलिस व प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है। उत्कृष्ट कार्यों और खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया।
इसके समानांतर, डीपीआरसी सभागार अमृत धारा में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा के निर्देशानुसार सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष राजेश साहू के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक की शुरुआत नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ से हुई। विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जिला पंचायत सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए और सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।
तीनों ब्लॉकों में महिला शक्ति ने अभियान का नेतृत्व संभालते हुए नशा मुक्ति संदेश को घर-घर तक पहुँचाया। मनेंद्रगढ़ ब्लॉक में सुबह से ही जागरूकता की हलचल देखने को मिली। स्कूलों में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने शपथ ली, रैली निकाली और नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, वाद-विवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज को प्रेरित किया। ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सहभागिता अत्यंत सराहनीय रही। SHG समूहों ने बैठकों का आयोजन कर परिवारों को नशे से दूर रहने की सीख दी और अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का वचन लिया।
जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन, पुलिस, पंचायत, शिक्षण संस्थान और जनता एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो किसी भी सामाजिक बुराई को समाप्त करना संभव है। नशा मुक्त भारत अभियान के इस सफल और व्यापक आयोजन ने जिले में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश छोड़ा है—समाज तभी मजबूत होगा, जब युवा नशामुक्त, सशक्त और जागरूक होंगे।


















