
कोरबा। क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर इन दिनों संतोष और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही है। लगातार हुई समय पर वर्षा और राज्य सरकार द्वारा धान उपार्जन को लेकर की गई व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अंचल के किसानों का मनोबल बढ़ा दिया है। इन्हीं किसानों में से एक, कोरबा के किसान गुलाब सिंह ने अपनी मिंजाई के बाद इस वर्ष भी बेहतर उपज की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि उनका सपना धीरे–धीरे पूरा हो रहा है, क्योंकि इस बार खेतों में उत्पादन अच्छा है और सरकारी समर्थन भी मिल रहा है।
गुलाब सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी फसल बेची थी और उन्हें प्रति क्विंटल 3100 रुपये का समर्थन मूल्य मिला था। साथ ही दो साल का बकाया बोनस भी सरकार द्वारा प्रदान किया गया था। उन्होंने बताया कि यह आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत थी। इस बार भी वे उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें अवश्य मिलेगा। किसान का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य बढ़ाकर और समय पर भुगतान सुनिश्चित करके किसानों में नई ऊर्जा भरी गई है।
इधर धान बेचने की प्रक्रिया में हुए सुधार की भी उन्होंने खुलकर सराहना की। उनके अनुसार, पहले तौल कराने और उपार्जन केंद्र तक पहुंचने में कई कठिनाइयाँ आती थीं। लंबी लाइनों में खड़ा रहना, बार-बार कागजी कार्यवाही और भीड़ उनकी सबसे बड़ी चुनौतियाँ थीं। लेकिन अब व्यवस्थाओं में सुधार के बाद यह प्रक्रिया सुविधाजनक और पारदर्शी हो गई है। किसान आसानी से ऑनलाइन पंजीयन करा रहे हैं, निर्धारित तारीख पर तौल करा रहे हैं और समस्याओं का समाधान भी तेज़ी से हो रहा है।
किसान गुलाब सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त राशि किसानों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है। इससे न केवल कृषि लागत का बोझ कम होता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
मिंजाई पूरी हो चुकी है और अब किसान अपनी फसल को उपार्जन केंद्र में बेचने की तैयारी में जुट गए हैं। गुलाब सिंह सहित अधिकांश किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कर लिया है। खेतों में अच्छे उत्पादन, सरकारी सहयोग और सुधरी हुई व्यवस्थाओं की वजह से किसान खुशहाल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
कोरबा के किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत, मौसम की मेहर और सरकारी समर्थन का यह मेल उन्हें एक सुनहरे कल की ओर ले जा रहा है।




















