
कलेक्टर एवं डीएफओ कटघोरा ने किया निरीक्षण, डीएमएफ से विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
कोरबा, 19 नवम्बर 2025।
कटघोरा वनमंडल अंतर्गत स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटन स्थल झोराघाट को एक आकर्षक और सुसंरक्षित इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत एवं डीएफओ कटघोरा श्री कुमार निशांत ने आज झोराघाट पहुंचकर स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर गहन चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्र, उसके प्राकृतिक परिदृश्य, उपलब्ध सुविधाओं तथा विकसित किए जा सकने वाले क्षेत्रों का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर ने डीएफओ कटघोरा को निर्देश दिए कि झोराघाट के समग्र पर्यटन विकास हेतु डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) से विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिसमें प्राकृतिक और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित समावेश हो।

कलेक्टर श्री वसंत ने कहा कि झोराघाट को एक सुसंरक्षित इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ पर्यटक प्रकृति के और अधिक निकट आ सकेंगे। उन्होंने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, पैगोड़ा निर्माण, स्वच्छ प्रसाधन, वॉच टावर, वॉकवे, विश्राम स्थल, बच्चों के लिए मनोरंजक झूले, युवाओं के लिए ओपन जिम तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए ध्यान-साधना स्थल जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि पर्यटन परियोजना में स्थानीय समुदाय की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों के लिए आजीविका के नए साधन—जैसे गाइड सेवा, वाहन संचालन, स्थानीय उत्पादों की बिक्री, पर्यटन-संबंधी सहायक गतिविधियाँ—बढ़ावा देकर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल पर्यटन को नया आयाम देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता को भी प्रोत्साहित करेगी।
निरीक्षण के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी कटघोरा श्री अशोक मन्नेवार सहित वन विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
एप्रोच रोड निर्माण दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश
स्थल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा निर्मित किए गए पुल का भी जायजा लिया। उन्होंने एप्रोच रोड निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य में तेजी लाने और इसे दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिले की इस महत्वपूर्ण पहल से झोराघाट एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर है, जिससे स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और प्राकृतिक संपदाओं के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।




















