
कोरबा। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बिझरा में बुधवार, 19 नवंबर 2025 का दिन उत्साह, उल्लास और उपलब्धियों से भरा रहा। अवसर था सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण समारोह और रंगारंग आनंद बाल मेला के भव्य आयोजन का, जिसने छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को एक ही मंच पर जोड़ दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शाल से स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर उत्साह से सराबोर था, जहां छात्र-छात्राएं उत्सुकता से कार्यक्रम के विभिन्न चरणों की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा 9वीं की कुल 43 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें प्रदान की गईं। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरों पर चमकती मुस्कान और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कई छात्राओं ने बताया कि यह साइकिल उनके दैनिक आवागमन को आसान बनाएगी और शिक्षा की राह में आने वाले अवरोधों को दूर करेगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए शिक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है।
साइकिल वितरण के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित आनंद बाल मेला ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कुल 15 आकर्षक स्टॉलों में विविध व्यंजनों और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों और अभिभावकों दोनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ईडली, पाव भाजी, गुपचुप, छोले भटूरे, देहाती बड़ा, भजिया, ब्रेड पकोड़ा, मंचूरियन, पास्ता और चाय–कॉफी जैसे स्वादिष्ट पकवानों का सभी ने कूपन आधारित व्यवस्था से भरपूर आनंद लिया।
स्टॉल संचालित करने वाले छात्रों ने न केवल व्यंजन बनाए, बल्कि सजावट, बिक्री, ग्राहक व्यवहार और प्रबंधन जैसी कला का भी प्रदर्शन किया। विद्यालय द्वारा आयोजित कूपन-आधारित प्रतियोगिता के परिणामों ने कार्यक्रम में और रोमांच भर दिया। इसमें प्रथम स्थान आदर्श ग्रुप, द्वितीय स्थान चांदनी ग्रुप और तृतीय स्थान प्रवीण ग्रुप ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में सरपंच चंद्रिका देवी पोर्ते, एसएमडीसी अध्यक्ष विष्णु यादव, सुरेश पोर्ते, शंभूशरण सिंह, विवेक मारकण्डेय, लक्ष्मीकांत तिवारी, प्राचार्य जागेश्वर सिंह मानसर, मनोज टंडन सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में आए पालकों और ग्रामीणजनों ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा और विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

प्राचार्य मानसर ने बताया कि ऐसे आयोजन छात्रों में नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और सामाजिक सहभागिता का विकास करते हैं। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गीत के साथ इस उत्साहपूर्ण आयोजन का समापन हुआ।
स्वामी आत्मानंद विद्यालय बिझरा का यह आयोजन शिक्षा, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने सभी के हृदय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।


















