
रायपुर, 16 नवम्बर 2025।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य में आज जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर में एक गंभीर, सार्थक और विचारोत्तेजक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के विख्यात संपादक, वरिष्ठ पत्रकार तथा जनसंपर्क विभाग के अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मीडिया की विश्वसनीयता, सूचना की सत्यता और बदलते तकनीकी दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा के वक्तव्य से हुई। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में फर्जी और भ्रामक सूचनाएं एक बड़े खतरे के रूप में फैलती जा रही हैं। कुछ लोग अपने निजी हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सामग्री को एक जैसे पैटर्न में बड़ी मात्रा में शेयर करते हैं, जिससे उसका एल्गोरिथ्म बढ़ जाता है और वह सच का रूप ले लेती है। मिश्रा ने दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख श्रीधरन का उदहारण देते हुए बताया कि वे हर तकनीकी त्रुटि की सूचना तत्काल मीडिया को उपलब्ध करवाते थे। पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण सूचना ही वह दीवार है, जो भ्रम को रोक सकती है।
इसके बाद वरिष्ठ संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई से समझौता करना पत्रकारिता की आत्मा के खिलाफ है। चाहे सूचना की पुष्टि में समय अधिक लगे, लेकिन पत्रकारों को हमेशा सही और प्रमाणित जानकारी ही जनता तक पहुंचानी चाहिए।
संपादक ए.एन. द्विवेदी ने कहा कि सूचना की गुणवत्ता और उसके प्रसार के प्रभाव को देखते हुए मीडिया को अत्यंत सजग रहना चाहिए। एक छोटी सी त्रुटि भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए पत्रकारों को चौकन्ना, जिम्मेदार और नैतिक होना आवश्यक है।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि यदि पत्रकारिता विश्वसनीयता के सिद्धांतों पर आधारित रहे तो किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी जनता तक नहीं पहुंच सकती। विश्वसनीयता ही पत्रकार का सबसे मजबूत हथियार है।
जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मीडिया का विश्वसनीय होना अत्यंत आवश्यक है। तकनीकी बदलावों के इस दौर में गलत सूचनाओं का प्रसार तेजी से होता है, ऐसे में मीडिया कर्मियों को अधिक सतर्क और जिम्मेदार होना पड़ेगा।
अपर संचालक आलोक देव ने स्पष्ट कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता है। मीडिया सिर्फ खबरें नहीं देता, बल्कि समाज को दिशा दिखाता है, भ्रम दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है।
उप संचालक सौरभ शर्मा ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गलत एल्गोरिथ्म बढ़ने से फेक न्यूज तेजी से वायरल हो जाती है। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे हर सूचना की जांच-परख कर ही उसे प्रसारित करें।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं, जिसमें अरविंद मिश्रा भी शामिल थे, ने विचार व्यक्त किए।
विचार गोष्ठी में जनसंपर्क विभाग के अनेक अधिकारी एवं प्रदेश भर से आए मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थित प्रभावशाली रही।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम मीडिया की विश्वसनीयता और समाज में उसकी भूमिका पर एक मजबूत एवं सार्थक संदेश छोड़ गया।




















