
जांजगीर-चांपा, 12 नवंबर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों के जीवनस्तर में उल्लेखनीय सुधार ला रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने छत्तीसगढ़ के हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपने सपनों का पक्का घर प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है।
जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत अवरीद की निवासी श्रीमती कुसुम बाई कश्यप की कहानी इस योजना की सफलता की एक प्रेरक मिसाल है। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का मकान निर्माण हेतु राशि स्वीकृत हुई। श्रीमती कुसुम बाई एक साहसी और संघर्षशील महिला हैं, जिन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। पति के निधन के बाद सास और तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उठाते हुए वे मिट्टी-खप्पर के जर्जर घर में जीवन बिता रही थीं, जहाँ बारिश के दिनों में छत टपकती थी और सर्दी-गर्मी में रहना भी मुश्किल होता था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों ने उनके जीवन में नया उजाला भर दिया। अब श्रीमती कुसुम बाई का परिवार सुंदर, सुरक्षित और मजबूत पक्के घर में रह रहा है। वह खुशी से बताती हैं कि “अब हमारे सिर पर मजबूत छत है, बच्चों के लिए सुरक्षित घर है। पहले बारिश में रातें जागकर कटती थीं, अब चैन की नींद आती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें नया जीवन दिया है।”
इसके साथ ही उन्हें महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से आवास निर्माण में कार्यरत श्रमिकों को 90 दिवस की मजदूरी का लाभ भी मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार सुलभ हुआ है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत उन्हें पक्का शौचालय भी प्राप्त हुआ है।
इस प्रकार एक ही परिवार को आवास, रोजगार और स्वच्छता का त्रिगुण लाभ प्राप्त हुआ है। श्रीमती कुसुम बाई ने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “अब हमारा जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है।”
प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल श्रीमती कुसुम बाई कश्यप का सपना पूरा किया है, बल्कि ग्राम अवरीद की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है।



















