
बिलाईगढ़, 12 नवम्बर
बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत सिंधीचुआ से एक संवेदनशील और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां शारीरिक रूप से विकलांग युवक करण पटेल ने समाज में न्याय और समान अधिकार की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर न केवल जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, बल्कि सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से भी पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
करीब तीन वर्ष पहले करण पटेल एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे में वे अपंग हो गए और तब से लगातार इलाज और जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अब उन्होंने अपनी बात संविधानिक दायरे में रहकर रखने का साहसिक कदम उठाया है।
“मैं सिर्फ न्याय चाहता हूं, किसी से झगड़ा नहीं। मुझे समाज से जोड़ दीजिए, अलग नहीं कीजिए।”
— करण पटेल, पीड़ित युवक
करण पटेल ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे, जिससे वे सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की आवाज़ है जो कभी-कभी गलतफहमियों के कारण समाज से कट जाते हैं।
उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि प्रशासन से न्यायपूर्ण जांच की मांग करना है। इसी के तहत उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत भी आवेदन दिया है, ताकि जांच की पारदर्शिता बनी रहे और किसी पर अनावश्यक दोषारोपण न हो।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
भटगांव थाना प्रभारी राजेश चंद्रवंशी ने बताया कि इस मामले में सभी पक्षों से पूछताछ की जा चुकी है और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है और किसी निर्दोष व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं होगी।
परिवार की उम्मीदें अब भी ज़िंदा हैं
करण पटेल अपने माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर जरूर है, लेकिन उनका आत्मविश्वास अटूट है। उन्होंने प्रशासन और समाज से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि वे फिर से सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
यह मामला समाज के लिए एक संदेश है कि समस्याओं का समाधान कानूनी और शांतिपूर्ण मार्ग से संभव है। विकलांगता के बावजूद करण पटेल ने जिस साहस से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई है, वह प्रेरणा बन सकती है उन सभी के लिए जो अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्वक संघर्ष करना चाहते हैं।




















