
कोरबा | 12 नवंबर 2025
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने देशभर के लाखों परिवारों के जीवन में नई रोशनी और नई आशा भर दी है। यह योजना न केवल आम नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी प्रेरित कर रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर की छत पर सौर पैनल स्थापित कर नागरिकों को नवीकरणीय, पर्यावरण हितैषी और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा लाभार्थियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे यह योजना हर वर्ग के लिए सरल और सुलभ बन गई है। इस पहल से नागरिकों को बिजली बिल में राहत के साथ-साथ अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर आमदनी बढ़ाने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह योजना तेजी से सफलता प्राप्त कर रही है। राज्य शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक सौर ऊर्जा की किरणें हर घर तक पहुँच रही हैं। पहले जहाँ बिजली कटौती और बढ़ते बिलों की समस्या बनी रहती थी, वहीं अब वही घर सौर ऊर्जा की स्वच्छ रौशनी से आलोकित हो रहे हैं।
कोरबा जिले में भी इस योजना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पाली विकासखंड के ग्राम केराझरिया निवासी श्री श्रवण अजगल्ले, जो पेशे से आर्किटेक्ट हैं, बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल का दबाव बजट बिगाड़ देता था, लेकिन सूर्यघर योजना से लगाए गए सोलर पैनल के बाद अब उनका घर ऊर्जा आत्मनिर्भर हो गया है। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं — “अब बिजली का बिल नहीं, बल्कि हमारी छत से मिलने वाली ऊर्जा ही हमारी सबसे बड़ी बचत है।”
इसी प्रकार, कोरबा शहर के खरमोरा निवासी श्री सरफराज अंसारी का परिवार भी इस योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। सरफराज बताते हैं — “पहले बिजली बिल को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब हमारी छत न सिर्फ छाया देती है बल्कि भविष्य की रौशनी भी बिखेरती है।” उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल खर्च में राहत मिली है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बढ़ा है।
श्रवण और सरफराज जैसे असंख्य परिवार आज प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि हरित भारत और स्वच्छ ऊर्जा आंदोलन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं।
यह योजना आज हर घर में यह संदेश दे रही है —
ऊर्जा से आत्मनिर्भरता, और सूरज से समृद्धि की ओर भारत का कदम।



















