
कोरबा, 31 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर पीएम श्री स्कूल, सेजेस तिलकेजा में आज एक भव्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। पूरे परिसर को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था — दीवारों पर रंगोली, तीर-कमान, माटी के दीए और लोककला के प्रतीक विद्यालय की छटा बढ़ा रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात् समस्त उपस्थितगणों ने एक स्वर में राज्य गीत “अरपा पैरी के धार…” गाकर मातृभूमि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विद्यालय के विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

मंच पर प्रस्तुत पंथी नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, भाषण, कविता पाठ और राज्य की उपलब्धियों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हर प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परिश्रम और प्रगति की झलक साफ दिखाई दी।
शिक्षकों ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की ऐतिहासिक यात्रा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 2000 को बने इस राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सांस्कृतिक उन्नति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वक्ताओं ने कहा कि “छत्तीसगढ़ हमारी पहचान है, और इसकी परंपराओं को सहेजना हमारी जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राज्य निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और यह संकल्प लिया कि वे अपने राज्य के विकास में भागीदार बनेंगे।

कार्यक्रम के अंत में पूरे विद्यालय प्रांगण में “जय जोहार छत्तीसगढ़!” के नारों से गूंज उठी। देशभक्ति और राज्य गौरव की भावना से ओतप्रोत यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति, एकता और विकास का यह उत्सव विद्यालय परिवार के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बन गया।


















