
15 नवम्बर से प्रारंभ होगा धान उपार्जन, अधिकारियों को केंद्रों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
कोरबा, 30 अक्टूबर 2025।
कलेक्टर श्री अजीत वंसत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियों के संबंध में बैठक सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी एसडीएम, खाद्य, विपणन, सहकारी समिति, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री वंसत ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पात्र किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीदी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने बताया कि चालू खरीफ वर्ष में 15 नवम्बर 2025 से धान खरीदी कार्य आरंभ होगा, जिसके अंतर्गत जिले की 41 सहकारी समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान खरीदी की जाएगी।

उन्होंने सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पीने के पानी, बारदानों की व्यवस्था और माप-तौल के सटीक उपकरण सहित चेकलिस्ट के सभी बिंदुओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन की अद्यतन जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी पात्र किसान पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीकृत हों। उन्होंने अधिकारियों को किसान पंजीयन कार्य में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने तथा शासन स्तर से निराकृत होने वाली समस्याओं की जानकारी तत्काल राज्य शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वंसत ने सख्त लहजे में कहा कि खरीदी केंद्रों में केवल पंजीकृत किसानों से ही वास्तविक धान की खरीदी की जाए। अवैध धान के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीदी के आरंभ से ही अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग करें तथा प्रत्येक केंद्र की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने बताया कि इस सत्र में टोकन प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी, जो किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से जारी की जाएगी। इसके साथ ही पटवारियों के माध्यम से कुछ किसानों के टोकन का भौतिक सत्यापन भी रैंडमली कराया जाएगा।
कलेक्टर ने बारदानों की समय पर उपलब्धता और भंडारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए पीडीएस व मिलर्स बारदानों के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों के मिलर्स के साथ बैठक लेकर धान खरीदी और उठाव कार्य को प्राथमिकता से कराने को कहा। उन्होंने समितियों और मिलर्स पर प्रारंभ से ही सकारात्मक नियंत्रण बनाए रखने और संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
सीमावर्ती इलाकों में चेकपोस्ट स्थापित कर अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे अवैध धान की आवक पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। इसके साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में बफर लिमिट निर्धारित कर डीओ कटने और मिलर्स द्वारा उठाव कार्य प्राथमिकता से कराने की बात कही।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसानों से धान विक्रय पूर्ण होने के साथ-साथ रकबा समर्पण कार्य भी तत्काल कराया जाए, जिससे आगे किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
सतर्क एप से होगी खरीदी की निगरानी
धान उपार्जन वर्ष 2025-26 में खरीदी कार्य की सतर्क एप के माध्यम से बहुस्तरीय निगरानी की जाएगी। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है, जहाँ अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है, ताकि खरीदी कार्य की वास्तविक स्थिति की समीक्षा हर समय की जा सके।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री ओंकार यादव, सभी एसडीएम, खाद्य, विपणन, सहकारी समिति, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन कलेक्टर श्री वंसत के इस आह्वान के साथ हुआ कि —
“धान खरीदी केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और विश्वास की परीक्षा है। इसलिए हर अधिकारी इसका जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करे।”




















